राजस्थान के बारां मे अवैध संबंधों के चलते पत्नी ने प्रेमी नौकर और एक अन्य के साथ मिलकर अपने ही पति को मौत के घाट उतार दिया।
मामले में परिजनों के अंदेशे और शक के आधार पर मामले के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।बारां जिले के छीपाबड़ौद तहसील के आकाखेड़ी गांव निवासी 46 वर्षीय अध्यापक प्रेम नारायण मीणा की घर के भीतर ही धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई थी। बतौर अध्यापक मृतक की पोस्टिंग मध्य प्रदेश के फतेहगढ़ में थी, जो छुट्टियों पर अपने गांव आया हुआ था।परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने मृतक के पत्नी को पकड़ पूछताछ की तो मामला बेहद ही सनसनीखेज निकला।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक प्रेमनारायण व उसकी पत्नि के आपस मे सम्बन्ध अच्छे नहीं थे। मृतक प्रेमनारायण ने घरेलु कार्य के लिये परोलिया निवासी जीतेन्द्र बैरवा को 65000 रुपये सालाना मे लगा रखा था, जो पिछले दो साल से मृतक प्रेमनारायण के घर पर कार्य कर रहा था।मृतक प्रेमनारायण की अनुपस्थिति मे जितेन्द्र बैरवा का मृतक की पत्नि से अवैध सम्बन्ध बन गये। मृतक की पत्नि व जितेन्द्र बैरवा के अवैध सम्बन्धों के बीच मृतक प्रेमनारायण रोड़ा बन रहा था।इसलिये दोनों ने प्रेमनारायण को रास्ते से हटाने की साजिश रची, जिसमें उन्होंने रतनपुरा निवासी हंसराज भील को हत्या मे सहयोग के लिये बीस हजार रुपये मे हत्या करने के लिए राजी कर लिया।
बीते गुरुवार की मध्यरात्रि को जितेन्द्र बैरवा व हंसराज भील हथियार लेकर मृतक प्रेमनारायण के मकान के पीछे आये. मृतक की पत्नि ने मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे की पीछे वाली खिड़की से रस्सा नीचे लटकाकर जितेन्द्र बैरवा व हंसराज को मकान मे दाखिल करवाया
तीनों ने मकान के बरामदे में सोते हुये मृतक प्रेमनारायण के चेहरे व गर्दन पर तलवार व कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उसकी नृसंग हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों आरोपी जितेन्द्र बैरवा व हंसराज भील उसी रस्सी के सहारे फरार हो गये व मृतक की पत्नि घर पर ही मौजूद रही। ताकि किसी को शक ना हो।मृतक के बच्चों और परिजनों द्वारा मृतक की बीवी पर ही शक जताने के आधार पर पुलिस ने आरोपी महिला से कठोर पूछताछ की, जिसमें पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ।पुलिस ने तत्परतापूर्वक फरार अन्य मुल्जिमों का साइबर सेल के माध्यम से पता कर घटना के कुछ घंटों के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया है।
