AAGRA : एक बार फिर तेज हो गई है ताजमहल का नाम तेजो महालय करने की मांग । भाजपा पार्षद शोभाराम राठौर ने इसे प्रस्ताव बनाकर बुधवार को होने वाली नगर निगम के सदन की बैठक में पेश करने का फैसला लिया है, मेयर नवीन जैन का कहना है कि प्रस्ताव आया है, सदन में पढ़ा जाएगा और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद आगे की कार्यवाही होगी। अब नगर निगम सदन में अधिकारी इस पर मौन हैं, लेकिन मेयर का बयान इशारा देता है की प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित होने की संभावना है
पार्षद शोभाराम राठौर के तर्क
तथाकथित रानी मुमताज का असली नाम अर्जुमन्द बानो था। अर्जुमन्द बानो की मृत्यु बुरहानपुर में उक्त स्मारक निर्माण से लगभग 22 वर्ष पहले हुई। वर्तमान में भी बुरहानपुर में अर्जुमन्द बानों का मकबरा मौजूद है। ताज महल’ एक मन्दिर भवन है। जिसे अनाधिकृत रूप से हथियाकर जीर्णोद्धार द्वारा मुगल रूप देने का प्रयास किया है।शाहजहां की प्रेम कहानी कपोल कल्पित और रची गई लगती है, क्योंकि शाहजहां की कई पत्नियां थीं। in तमाम तर्कों का उल्लेख करते हुए भाजपा पार्षदों ने ये भी कहा की कि ताजमहल नगर निगम की सीमा में है। नगर निगम वहां सफाई कराता है। ताजमहल में तमाम हिंदू धर्म से जुड़े चिह्न हैं। यह राजा जय सिंह की हवेली थी। शहर में सड़कों के नाम बदले हैं। तो ताजमहल का नाम क्यों नहीं बदला जा सकता है। मेयर नवीन जैन ने बताया कि पार्षद शोभाराम राठौर ने ताजमहल का नाम बदलकर तेजो महालय करने का प्रस्ताव लगाया है। प्रस्ताव सदन में पढ़ा भी जाएगा चर्चा होगी। यह नगर निगम के क्षेत्राधिकार का विषय नहीं लेकिन कानूनी पहलुओं पर विचार के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा भी जा सकता है।




