केंद्र सरकार की घोषणा के बाद अब रायपुर एयरपोर्ट में जनसुविधाओं का संचालन निजी कंपनी करेगी।
इसकी प्रक्रिया अगले महीने शुरू हो जाएगी। निजी हाथ में जाने के बाद यात्रियों को हर सर्विस के लिए ज्यादा शुल्क देना होगा। अभी लखनऊ, जयपुर, त्रिवेंद्रम, मंगलुरू एयरपोर्ट का संचालन निजी कंपनी कर रही है। यहां यात्रियों से यूजर डेवलपमेंट फीस (यूडीएफ) वसूल किया जा रहा है। रायपुर में यह फीस 150 से 200 रुपए तक हो सकती है। यात्रियों का प्रवेश शुल्क 50 से बढ़कर 80 या 100 औैर गाड़ी पार्किंग 15 से 30 रुपए तक महंगी हो सकती है। अभी 50 रुपए है। निजी कंपनी को केवल पार्किंग से ही दो से तीन साल में 1 करोड़ की आय होने का अनुमान है।
नई दुकानें और माॅल खुलेंगे
खाना-पीना और एयरलाइंस को दिए गए टिकट काउंटर का किराया भी महंगा हो जाएगा। कैफे में चाय-कॉफी के लिए 200 रुपए तक शुल्क लिया जा सकता है। अन्य चीजें भी दो से तीन गुना तक महंगी हो जाएंगी। निजी कंपनी ब्रांडेड सामान बेचने के लिए नई दुकानें या शॉपिंग मॉल भी खोलेगी। इसके लिए दुकान किराये पर दी जाएंगी।
सुरक्षा सीआईएसएफ के पास ही रहेगी एयरपोर्ट की सुरक्षा सीआईएसएफ के पास ही रहेगी। एटीसी का काम भी एयरपोर्ट अथॉरिटी के ही पास होगा। लेकिन इसके अलावा सभी सुविधाएं जैसे कैफे, शॉपिंग मॉल, लगेज, पार्किंग, वीआईपी एरिया की कमान निजी कंपनी के पास ही होगी। एयरपोर्ट का संचालन कौन सी निजी कंपनी करेगी इसका फैसला केंद्र सरकार के ग्लोबल टेंडर के बाद तय होगा।
क्या बदलेगा और क्या पहले जैसा रहेगा?
एयरपोर्ट स्वामी विवेकानंद के ही नाम पर रहेगा, लेकिन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की जगह कंपनी का नाम होगा।
एयरपोर्ट का रंग-रोगन निजी कंपनी अपने अनुसार करेगी। पीपीपी मॉडल के तहत एयरपोर्ट की व्यवस्था को लेकर नया प्लान तैयार किया जाएगा।
एयरपोर्ट के अंदर और बाहर नई कैंटीन खोली जाएंगी। दूर से आने वाले यात्रियों के लिए वेटिंग हॉल और खाने-पीने की व्यवस्था होगी।
बार खोलने के लिए निजी कंपनी दबाव बढ़ा सकती है। लगेज पहुंचाने और बोर्डिंग पास इश्यू कराने की सुविधा सशुल्क दी जाएगी।





