हाल ही में अभिषेक बच्चन ने एक बात कही जिस वजह से उनकी तारीफ हो रही। जैन गुरू रतन सुंदर महाराज ने भी जूनियर बच्चन की तारीफ की।
पिछले कुछ सालों से जिस तरह से ओटीटी प्लेटफॉर्म की सक्रियता बढ़ी है और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लिए ये एक बड़े अवसर के तौर पर देखा जाने लगा है तबसे इसके इर्द-गिर्द कुछ विरोधाभास भी पनपने शुरू हो गए हैं।उनमें से एक बड़ा मुद्दा है ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की फ्रीडम ऑफ स्पीच को लेकर। दरअसल इन प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज हो रही तमाम फिल्मों और वेब सीरीज में भारी मात्रा में गालियों का इस्तेमाल किया जाता है
अभिषेक बच्चन ने किसी इंटरव्यू के दौरान बातचीत में कहा कि वे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ऐसा कुछ भी नहीं कहेंगे जिसे वे आराध्या के साथ बैठकर ना देख सकें। एक्टर की मंशा साफ है।उनका तात्पर्य ये है कि वे अभद्र भाषा का इस्तेमाल अपनी फिल्मों में नहीं करेंगे। वे वैसे ही रोल्स और सीन्स करेंगे जिसे वे सहजता के साथ अपनी बेटी आराध्या संग टीवी पर देख सकें।
अभिषेक बच्चन की ये बात प्रसिद्ध जैन गुरू रतन सुंदर महाराज जी के दिल को छू गई। उन्होंने अपने प्रवचन के दौरान इस बात का जिक्र किया।उन्होंने अभिषेक द्वारा उठाए गए इस नेक कदम के लिए उनकी सराहना की और कहा कि समाज को उनसे कुछ सीखने की जरूरत है।ये बहुत बड़ा स्टेटमेंट है।
अभिषेक बच्चन ने भी इस गुरू जी की तारीफ पर रिएक्ट किया और उनका शुक्रिया अदा किया।अभिषेक ने हाथ जोड़कर महाराज जी का अभिवादन स्वीकार किया। बता दें कि जूनियर बच्चन की इन दिनों हर तरफ तारीफ की जा रही है। लूडो और द बिग बुल जैसी फिल्मों में अभिषेक ने जो काम किया है उसके लिए उनकी सराहना हो रही है। खुद अमिताभ बच्चन भी बेटी की इस कामियाबी से फूले नहीं समा रहे हैं।वहीं दूसरी तरफ अभिषेक बच्चन इस मुश्किल दौर में सोशल मीडिया के जरिए लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं।
दरअसल पिछले कुछ समय से तांडव, पाताल लोक और मिर्जापुर जैसी वेब सीरीज को फैंस का प्यार तो मिला मगर इन वेब सीरीज में परोसी जाने वाली अभद्र भाषा और गालियों की वजह से इनका घेराव भी किया गया।कई जगहों पर शिकायतें दर्ज की गईं और इन्हें हटाने की मांग की गई।
अब सरकार तक भी इसकी भनक लग चुकी है और इसके रूल्स-रेगुलेशन्स को लेकर भी कुछ बड़ा कदम आने वाले वक्त में सरकार द्वारा उठाया जा सकता है।


