JKHARKHAND : देश भर में लोगों का दिल दहला देने वाली घटना दुमका हत्याकांड से लोगों में रोष व्याप्त है, एकतरफा मोहब्बत में शाहरुख नाम के लड़के ने नाबालिग लड़की को पेट्रोल छिड़कर जिंदा जला डाला। दो साल से शाहरुख अंकिता के पीछे पड़ा हुआ था। अपनी मौत से पांच दिन पहले फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्यकारी मजिस्ट्रेट को दिए बयान में अंकिता ने कहा था कि शाहरुख ने कहीं से उसका मोबाइल नंबर ले लिया था और बार-बार फोन कर अकिता को परेशान करता था बल्कि स्कूल जाने के रास्ते में पीछा कर छेड़खानी करने का प्रयास करता था। अंकिता को तंग आ कर स्कूल जाना बंद करना पड़ा था। ट्यूशन भी पिता के साथ जाना पड़ता था। अंकिता उसे नज़रअंदाज करती रहती थी। जिससे बौखलाए शाहरुख ने अंकिता के घर पर पत्थरबाजी भी की थी वह उसके घर में घुस जाता था। इस पर लोगों ने एक बार चोर कह कर पिटाई भी की थी। अंकिता के पिता संजीव सिंह एक किराना व्यवसायी की दुकान में काम करते हैं, अंकिता पढ़ने में ठीक थी। अब अंकिता की मौत से संजीव सिंह टूट गए हैं। अंकिता की मां का एक साल पहले कैंसर से निधन हो चुका है।
दुमका के सांसद सुनील सोरेन ने दुमका की बेटी अंकिता की मौत पर शोक संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि वह काफी होनहार बच्ची थी। उसकी मौत ने मुझे अंदर से झकझोर दिया है। मैं मर्माहत हूं। वह अपना उज्जवल भविष्य को बनाने में लगी थी, लेकिन बीच में दिल दहलाने वाली जघन्य हत्या की शिकार हो गई। सांसद ने मांग किया है कि शाहरुख को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जल्द से जल्द फांसी की सजा दिलाई जाए। साथ ही सरकार उनके परिजनों को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा दे।
अंकिता के पिता ने बताया कि एक दिन वह अंकिता के घर के दरवाजे पर लगे ग्रिल को लोहे के खंती से उखाड़ने का प्रयास किया था, वे थाना जाने लगे तो शाहरुख के बड़े भाई ने माफी मांग कर थाना जाने से मना कर दिया था।घटना के एक दिन पहले भी 22 अगस्त को उसने फोन पर धमकी दी थी कि मुझसे बात नहीं करोगी तो जान से मार देंगे। रात में छात्रा अपने कमरे में सोई हुई थी कि तड़के 4 बजे शाहरुख उसके घर पहुंच कर खिड़की से पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दिया. इसके बाद इलाज के लिए उसे 23 अगस्त को ही देर रात रिम्स रांची में भर्ती किया गया था। अंकिता का शरीर का पीठ का हिस्सा, दोनों हाथ, दोनों पैर और पेट का भाग बुरी तरह से जल गया था। मौत के साथ पांच दिनों के संघर्ष के बाद वह जिंदगी की जंग हार गई। रांची में पोस्टमार्टम के बाद उसका शव देर शाम तक दुमका लाया जा सकेगा। दुमका के उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के लिए आवश्यक पहल की जाएगी। साथ ही परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है। उपायुक्त ने लोगों से शांति की अपील करते हुए कहा कि दोषी पर जल्द सख्त कारवाई होगी।




