टूल किट मामले में संबित पात्रा और पूर्व CM रमन सिंह को हाईकोर्ट की राहत, दर्ज मामले की जांच नहीं करने के आदेश, नेताओं ने FIR निरस्त करने लगाई है याचिका
टूल किट विवाद में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भाजपा नेताओं को अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने FIR और विवेचना पर रोक लगा दी है। साथ ही सरकार से जवाब पेश करने के लिए कहा है। जवाब आने के बाद मामले की सुनवाई होगी। छत्तीसगढ़ के पूर्व CM डॉ. रमन सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने FIR को निरस्त करने की मांग को लेकर याचिका लगाई है। दोनों नेताओं पर रायपुर के सिविल लाइंस थाने में 19 मई को FIR दर्ज कराई गई थी।
पूर्व CM रमन सिंह की ओर से BJP के राज्यसभा सदस्य और अधिवक्ता महेश जेठमलानी, विवेक शर्मा, गैरी मुखोपाध्याय ने पैरवी की है। इससे पहले शुक्रवार को हुई सुनवाई में अधिवक्ताओं ने कहा था कि यह अभिव्यक्ति की आजादी का हनन है। इस पर कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है। जिसके बाद कोर्ट ने आवेदन पर फैसला सुरक्षित कर लिया था। फिलहाल दोनों नेताओं को अंतरिम राहत दी गई है। फैसला जस्टिस एनके व्यास के सिंगल बेंच से आया है।
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- क्या है टूल किट को लेकर विवाद
पूर्व CM डॉ. रमन सिंह ने 18 मई को अपने ट्विटर अकाउंट से कांग्रेस का कथित लेटर पोस्ट करते हुए दावा किया था कि इसमें देश का माहौल खराब करने की तैयारी की प्लानिंग लिखी है। साथ ही लिखा गया कि विदेशी मीडिया में देश को बदनाम करने दुष्प्रचार और जलती लाशों की फोटो दिखाने का कांग्रेस षड्यंत्र कर रही है। ऐसी ही पोस्ट संबित पात्रा ने भी की थी। इसके बाद युवा कांग्रेस के नेताओं ने रमन सिंह व संबित पात्रा पर FIR दर्ज करा दी।
कब क्या-क्या हुआ
- 18 मई : टूलकिट डॉ. रमन सिंह ने पोस्ट किया।
- 19 मई : यूथ कांग्रेस ने संबित पात्रा के खिलाफ और NSUI ने डॉ रमन सिंह व संबित पात्रा के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज करवाई।
- 20 मई : FIR दर्ज हैशटैग भूपेश- मुझे भी गिरफ्तार करो’ अभियान।
- 21 मई : भाजपा नेताओं ने प्रदेशभर में अपने निवास के सामने बैठकर FIR के विरोध में धरना दिया।
- 22 मई : सभी जिला मुख्यालयों में भाजपा के पांच नेता गिरफ्तारी देने थाना पहुंचे।
- 23 मई : पुलिस का संबित पात्रा को नोटिस। पात्रा ने अगली डेट देने के लिए पुलिस को मेल किया।
- 24 मई: पूर्व CM डॉ रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और राजेश मूणत के साथ गिरफ्तारी देने पहुंचे।
- क्या होती है टूलकिट?
टूलकिट एक तरह की प्लानिंग की जानकारी होती है, जिसमें किसी मुद्दे के प्रचार का जिक्र होता है। ये आमतौर पर डिजिटल प्लानिंग की तरह होता है कि जैसे किसी मुद्दे पर किस तरह के बयान देने हैं, कैसे प्रोपेगैंडा करना है।
