MP RAIN UPDATE : मंगलवार से प्रदेश भर में ज्यादा बारिश नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार नमी रहने के कारण हल्की रिमझिम बारिश कहीं-कहीं हो सकती है। दिन में उमस बढ़ने से कुछ देर के लिए तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं। जबकि देर रात तक ये बारिश इंदौर में रिमझिम वर्षा भी करा सकती है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल में फिलहाल ज्यादा बारिश के आसार नहीं हैं। दरअसल बीते 48 घंटों से मानसून इन्हीं इलाकों को अच्छे से भिगो रहा था। जिसके बाद रविवार को दिन भर खुशनुमा मौसम रहा। इस सिस्टम के सोमवार को थोड़ा आगे बढ़ने के आसार है। ऐसे में यह दोपहर करीब 1 बजे के बाद भोपाल पहुंच जाएगा दोपहर बाद इससे बारिश होने की संभावना है, जबकि अभी स्ट्रांग सिस्टम नहीं होने के कारण 29 अगस्त से 2 सितंबर तक प्रदेश भर में बारिश के ज्यादा आसार नहीं है।
भारी तबाही के बाद अब अच्छी खबर
प्रदेश में इस बार मानसून ने कई रिकॉर्ड तोड़े। 1 जून से अब तक 30 इंच पानी गिरना चाहिए था, जबकि 37 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य से करीब 25% ज्यादा है। इंदौर समेत 22 जिलों में सामान्य बारिश हुई है। जबकि भोपाल सहित प्रदेश के 22 जिलों में सामान्य से 21% ज्यादा, दतिया, रीवा, सीधी, झाबुआ और आलीराजपुर में सबसे खराब स्थिति है। यहां पर सामान्य से बहुत कम पानी गिरा है। भारी बारिश से बरगी, ओंकारेश्वर, कोलार, गांधी सागर, इंदिरा सागर सहित सभी डैम लबालब हो गए हैं। इन डैम के कैचमेंट एरिया में इतनी अधिक बारिश हुई कि गेट एक महीने पहले ही खोलने पड़े। आपको बता दें की ये डैम भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित कई शहरों की प्यास बुझाते हैं, इसलिए गर्मी तक इन शहरों सहित कई गांवों में वाटर सप्लाई का इंतजाम हो गया है। लाखों हेक्टेयर में फसलें भी डैम के पानी से लहलहाएंगी। डैम अब अपनी कैपेसिटी के मुताबिक बिजली पैदा कर सकेंगे।
