NOIDA : बहुचर्चित नोएडा सुपरटेक ट्विन टावर का आज 28 अगस्त शहर में अंतिम दिन। ट्विन टावर के विध्वंस की प्रक्रिया 9 मिनट में समाप्त हो जाएगी। इस प्रक्रिया को अंजाम देने से पहले आज फ्लैटों में पाइप से गैस की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। एमराल्ड कोर्ट और पास के एटीएस विलेज में रहने वाले लोगों को वहां से हटाया जाएगा। फिर दोनों टावरों के आसपास की सड़कों को सील कर दिया जाएगा। इसके बाद मेंटेनेंस स्टाफ सोसायटी खाली कर देंगे। साथ ही सुरक्षाकर्मी भी परिसर से निकल जाएंगे। इसके बाद टास्क फोर्स के जवान स्थल का निरीक्षण कर आसपास के इलाकों से निकल जाएंगे। आखिर में विध्वंस से आधे घंटे पहले साइट का विस्तृत निरीक्षण समाप्त हो जाएगा। इस दौरान नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे बंद रहेगा। सब सुनिश्चित होने के बाद विध्वंस की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रक्रिया ख़तम होने के बाद सबसे पहले नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर आवागमन बहाल किया जाएगा। जिसके बाद फ्लैटों में पाइप से गैस की आपूर्ति बहाल की जाएगी। और फिर आसपास के लोगों को घर लौटने की अनुमति होगी। नोएडा पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए 26 अगस्त से 31 अगस्त तक शहर के आसमान में ड्रोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। ट्विन टावर्स से सटी 6 सोसायटियों के निवासियों को इसके विध्वंस की की प्रक्रिया के दौरान छतों पर जाने की मनाही है। विध्वंस के 15 से 20 मिनट बाद तक धूल हवा में रहेगी। मीडियाकर्मियों को निर्धारित क्षेत्रों से कार्यक्रम को कवर करने के लिए कहा गया है। इसके आसपास किसी भी वाहन, इंसान या पशु को ले जाने की अनुमति नहीं दी गई है। विस्फोट वाले जगह के ऊपर एक समुद्री मील के दायरे में उड़ानों को कुछ समय के लिए बंद कर दिया जाएगा।
गत दिनों नोएडा के सबसे विवादित और हाई प्रोफाइल रियल स्टेट मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने गैर सरकारी संगठन (‘सेंटर फॉर लॉ एंड गुड गवर्नेंस) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें नोएडा में कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए सुपरटेक लिमिटेड के 40 मंजिला दो टावर को गिराने की जगह वैकल्पिक समाधान का निर्देश देने का आग्रह किया गया था।




