लखनऊ के अवध चौराहे पर कैब ड्राइवर की पिटाई करने वाली लड़की (Lucknow girl news) को पुलिस ने तो ‘चेतावनी’ देकर छोड़ दिया था। मगर एक सीसीटीवी फुटेज ने लड़की और पुलिस की गढ़ी हुई कहानी की पोल खोल दी।
हालांकि पुलिस को सोशल मीडिया के दबाव के आगे झुकना पड़ा और अब आरोपी लड़की प्रियदर्शिनी यादव पर केस दर्ज हुआ है।
- हाइलाइट्स
- लखनऊ में एक लड़की ने कैब ड्राइवर पर झूठे आरोप लगा किया हमला
- पुलिस ने शुरुआत में लड़की को दे दी थी क्लीन चिट, अब दर्ज किया केस
- एक CCTV फुटेज ने लड़की और पुलिस की गढ़ी हुई कहानी की पोल खोली
- पिछले तीन दिनों से वायरल है वीडियो, CCTV सामने आने के बाद पता चला सच
लखनऊ
लखनऊ के अवध चौराहे पर कैब ड्राइवर की पिटाई करने वाली लड़की (Lucknow girl news) की गढ़ी हुई ‘कहानी’ की पोल एक CCTV फुटेज ने खोल दी।
फुटेज सामने आने के बाद साफ हुआ कि कैसे खुद लड़की ग्रीन सिग्नल होने के बावजूद रास्ता पार कर रही थी और कार के सामने आकर खड़ी हो गई। इसके बाद कैब को नुकसान पहुंचाया और ड्राइवर को भी सरेआम पीटा। ड्राइवर बेकसूर था, मौके पर मौजूद पुलिस भी यह जानती थी, लेकिन पीड़ित को ही रातभर थाने में बिठाया और उसी का ‘शांतिभंग’ की धारा में चालान कर दिया।
दरअसल लखनऊ का एक वीडियो पिछले तीन दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल था। वीडियो में एक लड़की कैब ड्राइवर पर थप्पड़ बरसाते नजर आ रही थी। बीच-बचाव करने आए एक युवक को भी कॉलर से पकड़कर उसने थप्पड़ जड़े। कैब ड्राइवर का मोबाइल भी पटककर तोड़ दिया। पहली बार वीडियो देखने में लगा कि गलती शायद कैब ड्राइवर की रही होगी। मगर सोमवार को सीसीटीवी फुटेज सामने आने पर पता चला कि पूरी कहानी ही उल्टी है। पता चला कि लड़की ग्रीन सिगनल होने के बावजूद चलते ट्रैफिक के बीच सड़क पार कर रही थी। कई गाड़ियों से टकराते बची और वैगनआर के सामने आकर खड़ी हो गई और कैब ड्राइवर की पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद एक-एक कर सारी परतें खुलने लगीं।
सीसीटीवी फुटेज वायरल होने पर बिगड़ा सारा ‘खेल’
गनीमत है कि सीसीटीवी फुटेज सामने आ गई और पुलिस को सोशल मीडिया के दबाव के आगे झुकना पड़ा। सोमवार शाम को आरोपी लड़की प्रियदर्शिनी यादव पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। प्रियदर्शिनी के खिलाफ लूट और तोड़फोड़ की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीड़ित को ही लॉकअप में बंद किया, पैरवी के लिए आए भाइयों को भी नहीं छोड़ा
जिस वक्त प्रियदर्शिनी कैब ड्राइवर और युवक पर थप्पड़ बरसा रही थी, वहां एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी मौजूद था। मगर पुलिस ने लड़की पर कार्रवाई के बजाय उल्टा कैब ड्राइवर सआदत को कोतवाली में बंद कर दिया। यही नहीं पैरवी करने आए सआदत के भाइयों पर भी पुलिस ने कार्रवाई की और उनका चालान कर दिया। लड़की का आरोप था कि सआदत ने उसे कार से टक्कर मारी थी। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि लड़की को सआदत ने टक्कर नहीं मारी थी। इसके बावजूद उसने सआदत को कार से बाहर खींचा, उसकी पिटाई की और मोबाइल फोन तोड़ दिया।
पीड़ित ड्राइवर ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, अब तक कोई ऐक्शन नहीं
पीड़ित सआदत ने लखनऊ की कृष्णानगर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। पीड़ित ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा कि मैंने लाल बत्ती होने पर जेब्रा क्रॉसिंग के पहले ही कार रोक दी थी। तभी प्रियदर्शिनी पास आई और हमलावर हो गई। लड़की ने कार का साइड वाला मिरर भी तोड़ दिया और गाड़ी में रखे छह सौ रुपये छीन लिए। करीब 10 मिनट तक युवती ने सआदत पर लगातार हमला किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रियदर्शिनी पर कोई कार्रवाई करने के बजाय सआदत को लॉकअप में बंद कर दिया। प्रियदर्शिनी को वॉर्निंग देकर जाने दिया। देर रात सआदत के भाई इनायत अली और दाऊद कोतवाली पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें भी लॉकअप में डाल दिया। हैरानी की बात है कि इस मनमानी के बावजूद किसी पुलिसकर्मी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
सीसीटीवी फुटेज सामने आने से हुई फजीहत, दर्ज करना पड़ा केस
सोमवार को सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर जमकर लोगों ने गुस्सा निकाला। ट्विटर पर हैशटैग #ArrestLucknowGirl ट्रेंड होने लगा। इस हैशटैग पर अब तक करीब 2 लाख ट्वीट हो चुके हैं। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने भी ट्वीट कर आरोपी लड़की पर ऐक्शन लेने की मांग की। सोशल मीडिया पर बने दबाव का असर हुआ और शाम होते-होते पीड़ित सआदत की तहरीर पर ने प्रियदर्शिनी यादव के खिलाफ लूट और तोड़फोड़ की धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
यहां तक कि कैब ड्राइवर को बचाने आए व्यक्ति के साथ भी वायरल वीडियो में मारपीट की गई। उसे यह कहते हुए सुना जा सकता है कि कार ने उसे मारा जबकि सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा की कही कोई टच नही हुआ , कार जेब्रा क्रॉसिंग से भी पहले ही खड़ी हो चुकी थी।




