Solar Storm: 16 लाख KMPH की रफ्तार से धरती की तरफ बढ़ रहा तूफान, दुनिया भर से बिजली हो जाएगी गुल!
धरती का बाहरी वायुमंडल हो सकता है गर्म
इससे धरती का बाहरी वायुमंडल गर्म हो सकता है जिसका सीधा असर सैटलाइट्स पर पड़ेगा, इससे जीपीएस नैविगेशन, मोबाइल फोन सिग्नल और सैटलाइट टीवी में रुकावट पैदा हो सकती है, पावर लाइंस में करंट तेज हो सकता है. हालांकि आमतौर पर ऐसा कम ही होता है क्योंकि धरती का चुंबकीय क्षेत्र इसके खिलाफ सुरक्षा कवच का काम करता है.
सैटेलाइट सिग्नल पड़ जाएंगे ठप
वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस टकराव की वजह से सैटेलाइट सिग्नलों (Satellite Signal) में भी बाधा आ सकती है. वहीं रेडियो सिग्नल, कम्यूनिकेशन और मौसम पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है. इतना ही नहीं, पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के प्रभुत्व वाले अंतरिक्ष के एक क्षेत्र में इस तूफान का काफी प्रभाव देखने को मिल सकता है.
इन देशों के लोग देख पाएंगे ऑरोरा
अंतरिक्ष के इस महातूफान को उत्तरी या दक्षिणी लेटिट्यूड पर रहने वाले लोग रात के वक्त खूबसूरत ऑरोरा (Aurora) को देख पाएंगे. यह ध्रुव के पास रात के समय आसमान में चमकने वाली रोशनी होती है.
जब 1582 में आया था महातूफान
स्पेसवेदर की रिपोर्ट के अनुसार, 1582 में आए महातूफान को दुनिया में देखा गया था. उस वक्त लोगों को ऐसा लगा कि धरती खत्म होने वाली है. उस समय के पुर्तगाल के लेखक सोआरेस ने लिखा है, ‘उत्तरी आसमान में हर तरफ तीन रातों तक बस आग ही आग दिखाई दे रही थी.
आग की लपटों में तब्दील हो जाएगा आसमान!
उन्होंने आगे लिखा, ‘आकाश का हर हिस्सा ऐसा लग रहा था जैसे मानो आग की लपटों में तब्दील हो गया हो. मध्यरात्रि को भयानक आग की किरणें उभरकर सामने आईं जो बहुत भयानक और डरावनी थी.’




