देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर भले ही कमजोर पड़ गई हो लेकिन खतरा अभी भी कम नहीं हुआ है.
कोरोना संक्रमण की इस जंग में वैक्सीन को सबसे बड़ा सुरक्षा कवच माना जा रहा है. यही कारण है कि सरकार देश के हर एक नागरिक को कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए अभियान चला रही है. कोरोना वैक्सीन की पहुंच हर किसी तक हो ये सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने टीका लेने के नियमों को और आसान बना दिया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को सुविधा देते हुए कोविन ऐप या वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है. सरकार के नए नियम के मुताबिक कोई भी शख्स अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर जाकर ऑन साइट रजिस्ट्रेशन करवा सकता है और वैक्सीन ले सकता है.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को सुविधा देते हुए कोविन ऐप या वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है. सरकार के नए नियम के मुताबिक कोई भी शख्स अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर जाकर वैक्सीन ले सकता है.
पीआईबी की ओर से जारी बयान में सरकार की ओर से जानकारी दी गई है कि कोरोना वैक्सीन देश के हर कोने तक पहुंचाने के लिए हेल्थ वर्कर्स और आशा कार्यकर्ता ग्रामीण इलाके और शहरी स्लम्स इलाकों में जाएंगी और लोगों को ऑन-साइट रजिस्ट्रेशन के लिए जागरूक करेंगी. बता दें कि बहुत से लोग अभी भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे हैं. यही कारण है कि ग्रामीण इलाकों में कोरोना वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार काफी कम है.
सरकार ने 21 जून से फिर से टीकाकरण अभ्यास की बागडोर संभालने का फैसला किया है. केंद्र ने आश्वासन दिया है कि इस महीने 12 करोड़ वैक्सीन खुराक उपलब्ध होंगे. कोविशील्ड निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने भी कहा है कि वह अपनी विनिर्माण क्षमता बढ़ा रहा है. इस महीने लगभग 10 करोड़ खुराक का उत्पादन और आपूर्ति करने में सक्षम होगा. भारत बायोटेक और रूस के स्पुतनिक-v वैक्सीन की दो करोड़ खुराक उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनका आयात किया जा रहा है. ऐसे में महीने के अंत तक देश 12 करोड़ लोगों को और अधिक टीकाकरण करने में सक्षम होगा.
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जानकारी देते हुए कहा गया है कि 13 जून तक कोविन के जरिए किए गए 28.36 करोड़ रजिस्ट्रेशन में से 16.45 करोड़ (58 प्रतिशत) लाभार्थियों ने ऑन-साइट रजिस्ट्रेशन कराया है. बता दें कि भारत में कोरोना वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत 16 जनवरी को हुई थी. 16 जनवरी से अब तक देश में 26 करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना की खुराक दी जा चुकी है. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जानकारी देते हुए कहा गया है कि मंगलवार को 18-44 साल के आयु वर्ग के 13,13,438 लोगों को टीके की पहली खुराक दी गई जबकि 54,375 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई.
