मालवानी इलाके में 4 मंजिला इमारत गिरने से 11 लोगों की मौत, 7 जख्मी; 15 को रेस्क्यू किया गया
मुंबई में बुधवार को पूरे दिन हुई बारिश के बाद मालवानी इलाके में एक चार मंजिला इमारत रात 11.10 बजे ढहकर दूसरी इमारत पर गई गई। हादसे के बाद मलबे से 18 लोग निकाले गए थे। इनमें से 11 की मौत हो चुकी है। बाकी 7 घायलों का बीडीबीए नगर जनरल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। हादसे के वक्त इमारत में तीन परिवार रह रहे थे। इनमें कुछ बच्चे भी शामिल हैं।
बृहन्मुंबई नगर निगम ने कहा है कि आसपास की तीन इमारतें खतरनाक स्थिति में हैं उन्हें भी खाली करा लिया गया है। जोन-11 के DCP विशाल ठाकुर ने बताया, ‘हमारी टीम रातभर से रेस्क्यू में जुटी है। अभी भी मलबे में कुछ लोग फंसे हो सकते हैं।’ एक चश्मदीद शाहनवाज खान ने बताया, ‘हमारे फोन करने के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
एक ही परिवार के 9 सदस्यों की हुई मौत
BMC से मिली जानकारी के अनुसार, सबसे पहले एक चार मंजिला इमारत की दो मंजिले इसके ठीक बगल में मौजूद एक दो मंजिला घर पर गिरी हैं। इसमें भी कुछ लोगों की मौत हुई है। मृतकों में एक ही परिवार के 9 सदस्य शामिल हैं। ये सभी चार मंजिला इमारत में किराए में रहते थे। इस परिवार में जीवित बचे एक मात्र सदस्य मोहम्मद रफी ने बताया,’मैं रात को दूध लेने गया था। घर लौटा तो यह इमारत गिर गई थी। इसमें मैं अपनी पत्नी, भाई-भाभी और 6 बच्चों के साथ रहता था। बच्चों में दो लड़के और एक लड़की थी।’ रफी ने आगे बताया,’घर की कंडीशन अच्छी थी। अगर यह खराब होती तो हम इसे खाली कर देते। हमें नहीं पता था कि ऐसा हादसा भी हो सकता है।’
भाजपा नेता राम कदम ने कहा-यह हादसा नहीं हत्या है
भाजपा प्रवक्ता राम कदम ने घटना में लोगों की मौत को लापरवाही से हत्या करार दिया है। उन्होंने कहा है,’मालाड मालवणी में झोपड़पट्टी में घर के डेह जाने से 11 लोगों की जान गई है। यह शिवसेना शासित BMC की लापरवाही के कारण हुआ है। यह हादसा नहीं हत्या है।’
मुंबई में आज भी बारिश का रेड अलर्ट
मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में बुधवार को लगभग पूरे दिन बारिश हुई। इससे निचले इलाके घुटनों तक पानी में डूब गए। पश्चिमी उपनगर सांताक्रूज में बुधवार सुबह साढ़े 8 बजे से दोपहर ढाई बजे तक छह घंटों में 164.8 मिलीमीटर बारिश हुई है। मौसम विज्ञान विभाग ने आज भी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
घटना के बाद फायर बिग्रेड और BMC की टीम घटनास्थल पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। घनी आबादी होने के चलते घटनास्थल तक पहुंचने का रास्ता संकरा है। ऐसे में रेस्क्यू में दिक्कत हो रही है। रास्ता संकरा होने की वजह से एंबुलेंस, दमकल और JCB को भी मौके पर पहुंचने में दिक्कतें हुई थीं।
