सोशल मीडिया के यूजर्स का डेटा हासिल करने के लिए भारत सरकार ने फेसबुक को 2020 की दूसरी छमाही में 40,300 आवेदन दिए.
फेसबुक की नई ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट में यह दावा किया गया है.
सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी-जून 2020 की अवधि के मुकाबले ये 13.3 प्रतिशत ज्यादा था, तब भारत ने कुल 35,560 अनुरोध किए थे. यही नहीं, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के खिलाफ कंटेंट को भी ब्लॉक किया गया. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A का उल्लंघन करने के लिए आईटी मंत्रालय के निर्देशों के जवाब में कंपनी ने 2020 की दूसरी छमाही के दौरान भारत में 878 पोस्ट को ब्लॉक कर दिया था. इनमें से 10 को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया गया था. इसने कहा कि हमने कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए 54 आइटम्स को भी प्रतिबंधित कर दिया है.
सरकारी अनुरोध 2020 की दूसरी छमाही में लगभग 10 प्रतिशत बढ़कर 191,013
वैश्विक स्तर पर, यूजर्स डेटा के लिए सरकारी अनुरोध 2020 की दूसरी छमाही में लगभग 10 प्रतिशत बढ़कर 191,013 हो गया, जो 2020 की पहली छमाही में 173,592 था. भारत में 62,754 यूजर्स / अकाउंड से संबंधित जानकारी का अनुरोध किया गया था और कुछ डेटा 52 प्रतिशत अनुरोधों के लिए तैयार किया गया था.
ब्राजील के राष्ट्रपति से संबंधित कंटेंट को वैश्विक रूप से प्रतिबंधित
ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट के जज अलेक्जेंड्रे डी मोरेस के एक आदेश के जवाब में, ब्राजील के राष्ट्रपति बोल्सोनारो के समर्थकों के 12 प्रोफाइल और पेज से संबंधित, हमने भारत सहित इस केंटेंट को वैश्विक रूप से प्रतिबंधित कर दिया था. फेसबुक ने जोर देकर कहा कि वह उन देशों में कानून का सम्मान करता है, जहां वह संचालित होता है. वह इन प्रतिबंधों के परिणामस्वरूप बाहरी कानूनी मांगों का “दृढ़ता से” विरोध करता है. सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी ने 2021 की पहली तिमाही के लिए अपनी सामुदायिक मानक प्रवर्तन रिपोर्ट भी जारी की.
हर एक अनुरोध की कानूनी आधार पर पूरी सावधानी से समीक्षा होती है
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत ने जुलाई-दिसंबर 2020 के बीच कुल 40,300 अनुरोध किए, जिनमें से 37,865 कानूनी प्रक्रिया अनुरोध थे और 2,435 आपातकालीन प्रकटीकरण अनुरोध थे। रिपोर्ट में कहा गया है, “Facebook लागू कानून और अपनी सेवा की शर्तों के अनुसार डेटा के लिए सरकारी अनुरोधों का जवाब देता है. हमें प्राप्त होने वाले हर एक अनुरोध की कानूनी आधार पर पूरी सावधानी से समीक्षा की जाती है और हम उन अनुरोधों को अस्वीकार कर सकते हैं, जो ज्यादा व्यापक और अस्पष्ट दिखाई देते हैं.”
