अब लोगों को मनचाही वैक्सीन लगाने का विकल्प मिलेगा। इसके लिए कोविन पोर्टल पर बदलाव किए गए हैं।
इसी कड़ी में अब कोविन पर टीकाकरण के लिए पंजीकरण कराने से पूर्व यह भी देखा जा सकेगा कि किस टीकाकरण केंद्र पर कौन सा टीका लग रहा है। साथ ही उम्र के हिसाब से टीकाकरण केंद्रों खोजने की सुविधा भी प्रदान की गई है। क्योंकि सभी केंद्रों में सभी उम्र के लोगों को टीके नहीं लगते हैं।
45 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीकाकरण से पूर्व पंजीकरण की सलाह दी जाती है। जबकि 18-44 आयु वर्ग के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है। कोविन पर पंजीकरण कराने के बाद टीकाकरण केंद्र के चयन की सुविधा दी गई है। इस दौरान पोर्टल पर यह भी प्रदर्शित किया जा रहा है कि किस केंद्र पर कोविशील्ड लग रही है और कहां पर कोवैक्सीन। इससे लोगों को टीके का चयन करने की सुविधा मिलने लगी है। पहले सरकार ने कहा था कि लोगों को टीके के चयन की सुविधा नहीं दी जा सकती है।
बिना अप्वाइंटमेंट के टीकाकरण
पोर्टल पर यह भी सुविधा दी गई है कि 45 साल से अधिक उम्र के लोग बिना किसी केंद्र के चयन के भी पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण पूरा करने के बाद उनका चार अंको का विशेष सुरक्षा कोड आ जाता है जिसे नोट कर या सेव कर वह किसी भी टीकाकरण केंद्र पर जा सकते हैं। और फोन नंबर और विशेष कोड बताकर वह टीका लगा सकते हैं। ऐसे में उनकी किसी एक टीकाकरण केंद्र पर इंतजार करने की बाध्यता नहीं रहेगी। बता दें कि हाल में कोविन पर चार अंकों का विशेष सुरक्षा कोड शुरू किया गया है। जब टीका लगाने वाला यह कोड़ बताता है और उसे पोर्टल में दर्ज किया जाता है तभी माना जाएगा कि टीकाकरण हो गया है। इसके बाद ही टीके का प्रमाण पत्र उत्पन्न होता है।
टीकाकरण केंद्र सर्च करने की सुविधा भी
इसी प्रकार आयु के हिसाब से भी टीकाकरण केंद्र सर्च करने की सुविधा भी दी गई है। 45 से अधिक आयु के लोगों को जिन केंद्रों पर टीका लग रहा है, उनमें जरूरी नहीं कि 45 से कम वालों को भी लगता हो। इसलिए उम्र के हिसाब से सर्च करने की सुविधा भी दी गई है। 45 से कम उम्र के लोगों के लिए ज्यादातर राज्यों ने अलग टीकाकरण केंद्र बनाये हैं। ऐसे में इन आयु वर्ग के लोगों को कोविन पर अपना टीकाकरकर केंद्र सर्च करने में सहूलियत होती है। इसी प्रकार पिनकोड और जिले के आधार पर भी टीकाकरण केंद्र खोजने की सुविधा पोर्टल पर दी गई है।
सूत्रों ने बताया कि यह बदलाव इसलिए भी जरूरी हो गया था क्योंकि जिन लोगों को दूसरी डोज लेनी है, उन्हें यह पता रहे कि किस केंद्र पर कौन सा टीका लग रहा है। दरअसल, कोवैक्सीन की आपूर्ति कम है तथा बहुत कम केंद्रों पर उसकी उपलब्धता है। दूसरे, एक-डेढ़ महीने पहले जिस केंद्र पर किसी व्यक्ति ने कोवैक्सीन लगाई है, यह जरूरी नहीं कि आगे भी उस केंद्र पर वही टीका उपलब्ध हो। फिर कोई भी व्यक्ति किसी भी केंद्र पर टीका लगा सकता है। इसलिए कोविन पर यह जानकारी दी जा रही है कि किस केंद्र पर कौन सा टीका लगाया जा रहा है। टीके को क्लिक करके केंद्र सर्च करने की सुविधा भी है। इससे दूसरी खुराक लेने वालों को भी सहूलियत होगी।
