ये पहला मौका नहीं है जब दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार का किसी के साथ झगड़ा करने या मारपीट करने में नाम आया हो।
सुशील इससे पहले भी आइटीओ स्थित इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में एक साथी पहलवान को किसी बात पर बुरी तरह से पीट चुके हैं। पीड़ित पहलवान ने इसके बाद आइपी स्टेट थाने में मुकदमा भी दर्ज करवाया था मगर सुशील की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। उसके बाद सुशील के नाम कई माफियाओं के साथ भी जुड़ते रहे हैं। दिल्ली एनसीआर के कुछ बड़े गैंगस्टरों से भी उसका जुड़ाव बताया जा रहा है। इन लोगों के साथ मिलकर वो टोल वसूली के ठेके, बाउंसरों की सप्लाई करने और इस तरह के कई कामों में शामिल हो गया था।
मगर दो दिन पहले छत्रसाल स्टेडियम में उभरते हुए अंतरराष्ट्रीय पहलवान सागर धनकड़ की हत्या के मामले में फरारी सुशील को महंगी पड़ेगी। दो बार ओलंपिक पदक पाकर सुशील ने काफी नाम कमाया था। पिछले कई सालों से सुशील के कुख्यात गैंगस्टर सुंदर भाटी, काला जठेड़ी व लॉरेंस बिश्नोई जैसे बड़े गैंगस्टरों से सांठगांठ में नाम सामने आने लगा था। इन गैंगस्टरों के साथ शामिल होकर काम करने की वजह से उसकी छवि लगातार धूमिल होने लगी। सागर की हत्या के बाद सुशील और वारदात में शामिल उसके साथ आए सभी पहलवान और बदमाश फरार हैं।
सुशील के मोबाइल की लोकेशन से पता चला है कि वह हत्या के बाद उत्तराखंड भाग गया है। पुलिस का कहना है कि सुशील और वारदात में शामिल सभी आरोपितों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। छत्रसाल में लगे सीसीटीवी फुटेज, गिरफ्तार किए गए आरोपित प्रिंस दलाल और घायल पहलवान अमित व सोनू से पूछताछ के बाद अभी केवल आठ- दस आरोपितों की ही पहचान हो पाई है। सूत्रों की मानें तो आरोपितों की संख्या 20 से अधिक थी। सागर धनकड़ के बारे में जानकारी मिली है कि वह उभरता हुआ पहलवान था। वह दो-तीन बार अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग ले चुका है। उसके पिता दिल्ली पुलिस में हवलदार हैं। बेगमपुर थाने में उनकी तैनाती हैं।
सुशील ने कई साल पहले आईटीओ स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में पहलवान प्रवीण की बुरी तरह से पिटाई की थी। जिससे सुशील समेत उसके साथी पहलवानों के खिलाफ आईपी एस्टेट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। उक्त मामले में भी पुलिस ने सुशील को गिरफ्तार नहीं किया था।
कुछ साल पहले पुलिस को जानकारी मिली थी कि सुशील ने दिल्ली के अधिकतर टोल का ठेका लिया है जहां वह उसने गैंगेस्टरों को टोल वसूली की जिम्मेदारी सौंपी थी। सूत्रों के मुताबिक, सुशील से अलावा जिन आरोपितों की पहचान हुई है उनमें उसका दाहिना हाथ अजय, मोहित और डॉली आदि शामिल हैं।
सागर की हत्या के मामले में मॉडल थाना पुलिस द्वारा पीसीआर काल के आधार थाने में दर्ज की गई डीडी एंट्री पर मुकदमा दर्ज करने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सागर के परिजन का आरोप है कि इससे आरोपितों को फायदा मिल सकता है। मंगलवार देर रात 1.19 बजे पुलिस को पीसीआर काल मिली थी कि छत्रसाल स्टेडियम में गोलियां चल रही है। एफआईआर में बताया गया कि पुलिस जब मौके पर पहुचीं, तब वहां कोई चश्मदीद नहीं मिला। घायल सागर, अमित और सोनू के अस्पताल में होने को सूचना मिली।


