कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर सोशल मीडिया पर कई महिलाओं ने चिंता व्यक्त की. इन महिलाओं के अनुसार पीरियड्स के दौरान कोरोना वैक्सीन लेना गलत हो सकता है.
दरअसल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से ये दावा किया गया था कि महिलाओं को अपने पीरियड्स के पांच दिन पहले और 5 दिन बाद में कोविड-19 वैक्सीन नहीं लेना चाहिए.
सोशल मीडिया पोस्ट ने दावा किया था कि महिलाओं को अपने पीरियड्स के पांच दिन पहले या बाद में वैक्सीन नहीं लेना चाहिए क्योंकि पीरियड्स के दौरान उनकी इम्यूनिटी बहुत कम होती है.
सोशल मीडिया के इस दावे को फर्जी करार देते हुए सरकार ने लोगों से अफवाहों में न पड़ने और वैक्सीन लगाने की अपील की.
अफवाहों का हवाला देते हुए, पीआईबी ने एक ट्वीट में कहा है- Fake पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया गया है कि महिलाओं को अपने पीरियड्स के 5 दिन पहले और बाद में COVID-19 Vaccine नहीं लेना चाहिए. अफवाहों में मत पड़ें. 18 से ऊपर के सभी लोग 1 मई के बाद वैक्सीन जरूर लगवाएं. डॉक्टरों और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी दावा करते हुए कहा कि पीरियड्स का वैक्सीन से कोई लेना-देना नहीं है.
वहीं न्यूयॉर्क टाइम्स के एक आर्टिकल में, येल स्कूल ऑफ मेडिसिन में एलिस लू-कुलिगन और रैंडी हटर एपस्टीन ने भी दावे को खारिज कर दिया और कहा- अभी तक पीरियड्स में बदलाव के लिए वैक्सीन को जोड़ने वाला कोई डेटा उपलब्ध नहीं हुआ है.
वैक्सीन लेने के बाद भी महिलाएं आराम से प्रेग्नेंट हो सकती हैं.
कई डॉक्टरों और कार्यकर्ताओं ने ट्विटर पर भी इस फर्जी दावे का जमकर विरोध किया है. वहीं बहुत सारे लोगों का ये भी मानना है कि यह टीका पुरुषों और महिलाओं दोनों के प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. कुछ लोगों का यह भी मानना है कि वैक्सीन प्लेसेंटा में मौजूद प्रोटीन को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे प्रेग्नेंसी में मुश्किलें पैदा हो सकती हैं. यह पूरी तरह से झूठ है. न तो वैक्सीन में कोई हानिकारक तत्व मौजूद है और न ही इस मामले का समर्थन करने के लिए कोई आधिकारिक सबूत मौजूद है.




