कोरोना के मद्देनजर निरंजनी अखाड़े ने हरिद्वार महाकुंभ से हटने की घोषणा कर दी है।
माना जा रहा है कि अब कई और अखाड़े भी ऐसा कर सकते हैं।वैसे निरंजनी अखाड़ा हमेशा से एक परिपाटी स्थापित करता आया है।इसे सबसे पढ़े लिखे साधुओं का अखाड़ा भी माना जाता है, जो हरिद्वार में ही स्थित है।देश के प्रमुख अखाड़ों में एक निरंजनी ने हरिद्वार कुंभ से हटने की घोषणा की है।वजह कोरोना है।माना जा रहा है अब दूसरे अखाड़े भी ऐसा कर सकते हैं।
कोरोना महामारी के मद्देनजर निरंजनी अखाड़े ने महाकुंभ से हटने की घोषणा कर दी है।अगर साधुओं की संख्या की बात की जाए तो निरंजनी अखाड़ा देश के सबसे बड़े और प्रमुख अखाड़ों में है। जूना अखाड़े के बाद उसे सबसे ताकतवर माना जाता है।वो देश के 13 प्रमुख अखाड़ों में एक हैइसका एक परिचय ये भी है कि इसमें सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे साधू हैं, जिसमें डॉक्टर, प्रोफेसर और प्रोफेशनल शामिल हैं।
हरिद्वार महाकुंभ शुरू होने के बाद से 70 के आसपास वरिष्ठ साधू कोरोना पाजिटीव हो चुके हैं। ये संख्या लगातार बढ़ रही है।निरंजनी अखाड़े की हमेशा एक अलग छवि रही है।जानते हैं निरंजनी अखाड़े के बारे में।जिसके बारे में कहा जाता है कि ये हजारों साल पुराना है।
