बागनदी में सैंपलिंग कमजोर, जांच में ढिलाई शहर में स्टॉपर हटाओ, बेफिक्र आओ-जाओ
दुर्ग और महाराष्ट्र के बीच स्थित राजनांदगांव जिले में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। लेकर लापरवाही चरम पर है। बात बागनदी बॉर्डर की हो या फिर शहर के कंटेनमेंट जोन की। दोनों ही जगह लोग बेपरवाह नजर आए। बागनदी बॉर्डर पर तो कई वाहन चालक बेखौफ आवाजाही करते नजर आए। यहां महाराष्ट्र से आने वाले लोगों की बाकायदा रैंडम सैंपलिंग करने के निर्देश हैं। उनकी रैपिड एंटीजन टेस्ट कराए जाने हैं लेकिन यहां तो लोगों का नाम-पता और गाड़ी नंबर लिखकर छत्तीसगढ़ में इंट्री दी जा रही है। वहीं जिला मुख्यालय में कोविड-19 कोरोना वायरस का संक्रमण शहर के हर कोने में फैल गया है।
ऐसा एक भी वार्ड नहीं जो कि संक्रमण से बच पाया है। इन हालातों के बाद भी लोगों की लापरवाही खुलकर सामने आ रही है। प्रशासन ने गुड़ाखू लाइन और ममता नगर के कुछ हिस्से को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। इन क्षेत्रों में 8 से अधिक संक्रमित मिले हैं। इसके बाद भी लोग स्टॉपर हटाकर बेफिक्र आवाजाही कर रहे हैं। गुड़ाखू लाइन में तो शुक्रवार शाम से ही लोगों की लापरवाही देखने को मिल रही है। यहां तक स्टॉपर हटाकर कार को पार किया जा रहा है।
मोपेड सवार लोग तो बिना रोकटोक संक्रमित एरिया से आवाजाही कर रहे हैं। यही हाल ममता नगर क्षेत्र की भी है। प्रशासन की ओर से कंटेनमेंट एरिया घोषित करने के बाद स्टॉपर लगाया गया। कुछ घंटे के लिए पुलिस जवानों की ड्यूटी यहां लगाई गई। इसके बाद इस एरिया को भुला दिया गया बाजार क्षेत्र होने से यहां संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है।
