Enjoy the News

"Without Advertisement"


Select Your Language From:
•English •हिंदी •عربي •Français •Deutsch •中国人 •Italiano •Русский •Español •मराठी •বাংলা

newsmrl
Trending

रेलवे स्टेशन में 64 साल की बुजुर्ग महिला की मौत- कोरोना के डर से डॉक्टर ने नहीं किया इलाज

newsmrl.com bilaspur crime update by Nujhat

कोरोना के डर से डॉक्टर ने नहीं किया इलाज, मौत


रेलवे स्टेशन में 64 साल की बुजुर्ग बीमार महिला तड़पती रही,

बिलासपुर रेलवे स्टेशन में 64 साल की बुजुर्ग बीमार महिला तड़पती रही, कोरोना के डर से डॉक्टर ने नहीं किया इलाज, मौत
बिलासपुर
रेलवे स्टेशन में 64 साल की बुजुर्ग बीमार महिला तड़पती रही, कोरोना के डर से डॉक्टर ने नहीं किया इलाज, मौत|बिलासपुर,
जमशेदपुर से अहमदाबाद जाने गाड़ी में सवार हुआ था परिवार, महिला को परेशानी हुई तो स्टेशन में उतारना पड़ा, डॉक्टर आए भी तो औपचारिकता निभाने

शहर के रेलवे स्टेशन में शुक्रवार को एक 64 साल की महिला की प्लेटफॉर्म पर तड़प-तड़प कर मौत हो गई। उसे रेलवे की ओर से ना तो इलाज की सुविधा मिली और ना स्ट्रेचर सहित अन्य चीजें। परिजन 20 मिनट तक रेल अधिकारियों से स्ट्रेचर की मांग करते रहे। डॉक्टरों को बुलवाने की गुहार लगाते रहे। फिर भी किसी का दिल नहीं पसीजा।

मौके पर मौजूद रेल अधिकारियों ने उसे कोरोना संदिग्ध समझकर एक ओर जहां स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं करवाया तो वहीं डॉक्टर भी आने के बाद उसके शरीर को छूने से परहेज करते रहे। इस बात की पड़ताल चलती रही कि कहीं इसे कोरोना तो नहीं है। बेटे के प्रमाण पत्र दिखाने पर इसकी पुष्टि हुई। तब तक महिला के शरीर से उसकी सांस उखड़ चुकी थी।

घटना दोपहर की है। हावड़ा-अहमदाबाद में अहमदाबाद जाने के लिए 64 साल की मंजू देवी अपने बेटे राजू और पति जनार्दन के साथ सवार हुई। उसके गले में पहले से कुछ परेशानी थी। बेटे राजू के अनुसार उनका काफी दिनों से स्थानीय स्तर पर इलाज चल रहा था। वे अच्छा इलाज चाह रहे थे इसलिए ही उन्होंने अहमदाबाद जाने का फैसला किया। निर्धारित वक्त में वे ट्रेन में सवार हुए। बिलासपुर स्टेशन के करीब उनकी मां की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें सांस लेने में तकलीफ शुरू हुई।

मंजू देवी ने बेटे राजू को अपनी तकलीफ बताई तो उन्होंने यहां रेलवे के कंट्रोल रूम में इसकी सूचना दी। कोई 11.50 मिनट पर यह सूचना रेल कर्मचारियों तक पहुंच चुकी थी। हालात खराब थी तो बेटे ने बिलासपुर में मां मंजू को उतारना बेहतर समझा। उन्होंने ट्रेन से मंजू देवी को प्लेटफॉर्म पर सुलवा दिया और मौके पर पहुंचे कर्मचारियों से स्ट्रेचर की मांग की ताकि उन्हें एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया जा सके। इसके उलट उन्हें रेल अधिकारियों ने स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं करवाया। लगभग सवा 12 बजे कुछ डॉक्टर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहले तो बेटे से कोरोना के संबंध में पूछताछ की। सब कुछ स्पष्ट होने के बाद उन्होंने औपचारिकताएं शुरू की तभी वृद्ध की सांसें उखड़ गई और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

डॉक्टरों के समय पर नहीं पहुंचने और रेल अधिकारियों द्वारा आपातकाल सुविधा नहीं मिलने के कारण उनकी मौत हो गई। बेटे राजू कुमार का कहना है कि उन्हें यह दिन हमेशा याद रहेगा कि बिलासपुर स्टेशन पर उनकी मां को इलाज की सुविधा नहीं मिली थी। इस बात का मलाल भी कि उन्होंने यहां उतरकर और रेल अधिकारियों से मदद मांगकर गलती की है।

“गतौरा के पास से कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि महिला की तबीयत बिगड़ी है मौके पर डॉक्टर पहुंचे। इलाज भी हुआ है और कोई बात है तो मैं दिखवा लेता हूं।”
-पुलकित सिंघल, सीनियर डीसीएम, बिलासपुर मंडल

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button