बुधवार को गहलोत ने फिर से ट्वीट किया।
गहलोत ने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश के 18 राज्यों में ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील के कोरोना स्ट्रेन मिले हैं, जो चिंताजनक है। विशेषज्ञों के मुताबिक ये नए स्ट्रेन वाले वायरस तेजी से फैलते हैं। गहलोत ने कहा है कि ऐसे में अधिक सावधानी की आवश्यकता है। गहलोत ने कहा कि अन्य राज्यों में नए स्ट्रेन वाले वायरस ना फैलें, इसके लिए भी राज्यों को जरूरी कदम उठाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कोरोना के दूसरी लहर की आशंका को देखते हुए राज्य में विशेषज्ञों से इसकी स्टडी करवाने का निर्णय लिया है ताकि इस कोरोना संक्रमण के मामलों से निपटना जा सके।
पिछले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री गहलोत सोशल मीडिया के जरिए कई बार अपील कर चुके हैं और कोरोना के बढ़ते खतरे के बारे में जानकारी दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान में दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट की अनिवार्यता की गई है। यात्रियों के लिए 72 घंटे की अवधि की RT-PCR रिपोर्ट जरूरी की गई है।
बिना टेस्ट के लिए आने वाले यात्रियों को 15 दिन क्वारंटीन किया जाएगा। गहलोत ने कहा कि आमजन कोई लापरवाही ना बरतें। अन्यथा परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री गहलोत सोशल मीडिया के जरिए न केवल आमजन को कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाने, बार बार हाथ धोने, टीकाकरण करवाने, दो गज की दूरी बनाए रखने की अपील करने के साथ ही केन्द्र सरकार से यह मांग भी कर चुके हैं कि अधिकाधिक संख्या में वैक्सीनेशन करवाया जाए। बिना किसी एज लिमिट के टीकाकरण करवाया जाना चाहिए। राज्यों को अधिक वैक्सीन उपलब्ध करवाई जानी चाहिए।
