आज वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे यानि वर्ल्ड टीबी डे है।
फेफड़ों से जुड़ी इस बीमारी को क्षय, तपेदिक और राजरोग के नाम से भी जाना जाता रहा है, हालांकि इससे शरीर के अन्य हिस्से भी प्रभावित होते हैं।एक वक्त में ये बीमारी लाइलाज थी, लेकिन इसके वैक्सीन बनने के बाद इसकी रोकथाम हुई है,लेकिन अभी भी यह दुनिया को परेशान किए हुए है।
विश्व टीबी या तपेदिक दिवस हर साल 24 मार्च को मनाया जाता है, क्योंकि 24 मार्च, 1882 को जर्मन फिजिशियन और माइक्रोबायोलॉजिस्ट रॉबर्ट कॉच ने टीबी के बैक्टीरियम यानी जीवाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस की खोज की थी।उनकी यह खोज आगे चलकर टीबी के निदान और इलाज में बहुत मददगार साबित हुई। इस योगदान के लिए इस जर्मन माइक्रोबायोलॉजिस्ट को 1905 में नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया। यही वजह है कि हर साल विश्व स्वास्थ्य संगठन टीबी के सामाजिक, आर्थिक और सेहत के लिए हानिकारक नतीजों पर दुनिया में पब्लिक अवेयरनेस फैलाने और दुनिया से टीबी के खात्मे की कोशिशों में तेजी लाने के लिए यह दिन मनाता आ रहा है।
इसका उद्देश्य दुनिया में टीबी की बीमारी के लिए लोगों को अवेयर करने के साथ ही इसकी रोकथाम करने से है। यही वजह है कि विश्व टीबी दिवस के मौके पर जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इस साल विश्व टीबी दिवस 2021 की थीम द क्लॉक इज टिकिंग (The clock is ticking) है। इसका शाब्दिक अर्थ कुछ करने के लिए वक्त के बेहद तेजी से गुजरने और इस काम में तेजी लाने की तरफ इशारा करने से है।टीबी के संदर्भ में इसे देखा जाए तो इसका मतलब है कि टीबी के खात्मे के लिए ग्लोबल लीडर्स द्वारा जताई गई प्रतिबद्धताओं पर काम करने के लिए दुनिया का वक्त बेहद तेजी से बीतता जा रहा है।
कोविड-19 पैनडेमिक जैसे नाजुक दौर में खासतौर पर यह अहम है, जिसकी वजह से टीबी पर हो रही प्रोग्रेस खतरे में पड़ गई हो।इस महामारी की वजह से टीबी की रोकथाम और देखभाल के लिए समान पहुंच सुनिश्चित करने की डब्ल्यूएचओ की यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज ड्राइव पर भी असर पड़ा है।
डब्ल्यूएचओ ने विश्व टीबी दिवस पर इस तरह कई वादे किए हैं। इनमें 2022 तक 40 मिलियन लोगों का निदान और इलाज करना जैसे वादे हैं, यह डब्ल्यूएचओ के यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और ग्लोबल फंड और स्टॉप टीबी पार्टनरशिप के साथ संयुक्त रूप से डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक की फ्लैगशिप पहल “Find. Treat. All. #EndTB” के तहत किया जाना है। सतत विकास लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए, डब्ल्यूएचओ की एंड टीबी रणनीति टीबी खत्म करने की मॉस्को घोषणा और टीबी पर संयुक्त राष्ट्र उच्च-स्तरीय बैठक की राजनीतिक घोषणा में निर्धारित लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए एंड टीबी रिस्पांस को तेजी लाना।
