कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजीत शर्मा ने कहा कि अपमान सहकर एनडीए में रहने से बेहतर है कि जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी को महागठबंधन में शामिल हो जाना चाहिए।
वैसे भी बिहार की जनता ने महागठबंधन को अपना जनादेश दिया था, जिसका प्रशासनिक सहयोग से अपहरण कर लिया गया। उन्होंने कहा है की विकास के लिए भी यह अच्छा होगा। एनडीए में उनकी कद्र नहीं।
अजीत शर्मा ने कहा कि हाल ही में विधान परिषद की राज्यपाल मनोनयन वाली सीट में हिस्सेदारी नहीं मिलने के बाद मुकेश सहनी और जीतन राम मांझी ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी। किसी भी दल के लिए अपमानजनक है कि उसके सहयोगी ही उसकी कद्र ना करें।
राज्यपाल मनोनयन वाली 12 सीटें जदयू-भाजपा बराबर-बराबर बांट ली। न तो हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को सीट दी गई और न ही विकासशील इंसान पार्टी को, जबकि गठबंधन धर्म का पहला सिद्धांत ही त्याग होता है। शर्मा ने कहा कि एनडीए के दोनों घटक दलों का कम से कम एक-एक सीट पर अधिकार था, जो इन्हें नहीं मिला।
