महाराष्ट्र में खाकी वर्दी पर गंभीर आरोप लगा है।
यहां जलगांव के एक सरकारी गर्ल्स हॉस्टल में पुलिसवालों पर छात्राओं को कपड़े उतारकर नाचने के लिए मजबूर करने का आरोप है।
यह मामला गुरुवार को विधानसभा में भी उठा, जिसके बाद गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी है। अगले दो दिन में कमेटी इसकी जांच कर शुरुआती रिपोर्ट देगी।
जानकारी के मुताबिक, घटना 1 मार्च की है। इस दिन कुछ पुलिसकर्मियों के साथ दूसरे लोग जांच के नाम पर हॉस्टल में दाखिल हुए थे। इन्हीं लोगों ने लड़कियों के कपड़े उतरवाकर उनसे जबरदस्ती डांस कराया। जिन लड़कियों ने इनकार किया, उन्हें मारने-पीटने की धमकी दी गई। मामले की जानकारी मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता वहां पहुंचे, तो उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया।
सामाजिक कार्यकर्ता फिरोज पिंजारी ने बताया कि महिला और बालकल्याण विभाग के हॉस्टल में बेसहारा, प्रताड़ित और पीड़ित महिलाओं और लड़कियों के रहने और खाने की व्यवस्था की जाती है। यहां कुछ अनैतिक काम होने की जानकारी मिली थी। जिसके बाद NGO की टीम वहां पहुंची थी। जब सोशल वर्कर्स को हॉस्टल के अंदर नहीं जाने दिया गया, तो हॉस्टल में रहनेवाली लड़कियों ने खिड़की से पूरी घटना बताई।
