Enjoy the News

"Without Advertisement"


Select Your Language From:
•English •हिंदी •عربي •Français •Deutsch •中国人 •Italiano •Русский •Español •मराठी •বাংলা

newsmrl
Trending

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- किसी भी नागरिक को सरकार की आलोचना करने का हक, बशर्ते उससे हिंसा न भड़के

newsmrl.com Supreme Court said - any citizen has the right to criticize the government, provided it does not incite violence update by Akanksha Tiwari

सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ के खिलाफ शिमला में दर्ज राजद्रोह का केस गुरुवार को खारिज कर दिया।

दुआ ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि केंद्र सरकार की आलोचना करने के कारण उन्हें परेशान किया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने कहा, ‘किसी भी नागरिक को सरकार या सरकार से जुड़े लोगों की आलोचना और उस पर कमेंट करने का हक है, बशर्ते वह लोगों को सरकार के खिलाफ हिंसा करने के लिए प्रेरित न करे।

ये फैसला जस्टिस उदय उमेश ललित और जस्टिस विनीत शरण की 2 सदस्यीय बेंच ने सुनाया। कोर्ट ने कहा कि जब तक किसी व्यक्ति ने ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया हो, जिससे किसी को हानि पहुंचे या कानून व्यवस्था बिगड़े। तब तक उस पर देशद्रोह का केस नहीं चलाया जा सकता है।

हालांकि, कोर्ट ने इस मांग को ठुकरा दिया है कि अनुभवी पत्रकारों पर राजद्रोह केस दर्ज करने से पहले हाईकोर्ट जज की कमेटी से मंजूरी ली जाए।

सरकार की आलोचना की थी
विनोद दुआ ने दिल्ली दंगों से जुड़े एक यूट्यूब प्रोग्राम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ कथित तौर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके खिलाफ शिमला के कुमारसैन थाने में भाजपा के स्थानीय नेता श्याम ने FIR दर्ज कराई थी।

उनका कहना था कि दुआ ने अपने यू ट्यूब कार्यक्रम द विनोद दुआ शो में प्रधानमंत्री मोदी पर वोट पाने की खातिर मौत और आतंकी हमलों का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए हैं। इस तरह के बयान से शांति और सांप्रदायिक अस्थिरता पैदा हो सकती थी।

पिछले साल फैसला सुरक्षित रख लिया था
जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस विनीत सरन की पीठ ने पिछले साल 6 अक्टूबर को दुआ, हिमाचल प्रदेश सरकार और मामले में शिकायतकर्ता की दलीलें सुनने के बाद याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने कहा था कि दुआ को इस मामले के संबंध में हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा पूछे जा रहे किसी भी पूरक सवाल का जवाब देने की जरूरत नहीं है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button