छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में मंगलवार सुबह हुए
दर्दनाक हादसे में ईंट-भट्टा मालिक के तीन साल के बच्चे के साथ महिला की जलने से मौत हो गई। बच्चा खेलते हुए वहां पहुंच गया था। हादसे के दौरान बच्चे को बचाने में महिला भी नीचे दब गई। यह देख बच्चे का दादा बचाने पहुंचा और वह भी चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया है उसे अस्पताल ले जाया गया।
गौरतलब है कि नानघाट क्षेत्र के ग्राम पुटपुरा निवासी मुकेश प्रजापति का गांव में ही ईंट-भट्टा है। सुबह करीब 8 बजे भट्टे पर ईंट पकाने का काम चल रहा था। वहां पास में ही मुकेश का 3 साल का बेटा प्रतीक भी खेल रहा था। खेलते-खेलते प्रतीक भट्टे के पास पहुंच गया। तभी अचानक भट्टे की दीवार भरभरा कर गिर पड़ी और प्रतीक उसी के नीचे दब गया।
हादसा होते देख भट्टे पर काम करने वाली गांव की ही मजदूर ललिता (32) पति जितेंद्र ध्रुव उसे बचाने के लिए दौड़ी। इससे पहले की बच्चे को ललिता बचा पाती दीवार का एक बड़ा हिस्सा उसके ऊपर भी जा गिरा। इसके चलते दोनों की जिंदा जलने से मौके पर ही मौत हो गई। वहां मौजूद प्रतीक के दादा राजपाल प्रजापति भी बचाने के लिए पहुंचे और गंभीर रूप से झुलस गए।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए नवागढ़ के अस्पताल भिजवाया है। चौकी प्रभारी राजेंद्र कश्यप ने बताया कि आशंका है कि एक ईंट खिसकने के चलते पूरी दीवार गिरी हो। भट्टा पंचायत की अनुमति लेकर ही संचालित किया जा रहा था।

