क्या है पीडीएस घोटाला
छत्तीसगढ़ में 2718 करोड़ रुपये का पीडीएस घोटाला है। इसमें 10 लाख फर्जी राशन कार्ड के जरिए चावल बांटा गया था। अप्रैल 2013 से दिसंबर 2018 तक इसे अंजाम दिया गया था। ईओडब्ल्यू ने इस मामले में जांच शुरू की थी। इसकी जांच के लिए छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल ने 2019 में एक अलग एसआईटी की टीम गठित की थी। यह घोटाला 2014 में उजागर हुआ था, जब एसीबी ने विभिन्न जगहों पर छापेमारी की थी। उस वक्त कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि यह 36000 करोड़ रुपये का घोटाला है।
छत्तीसगढ़ पीडीएस स्कैम मामले में ईडी ने सीएम के ऊपर सुप्रीम कोर्ट में बड़ा आरोप लगाया है। पीडीएस घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग पहलू की जांच कर रही ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि सीएम, एसआईटी के सदस्यों और एक बड़े काननू अधिकारी ने कथित तौर पर इसमें शामिल दो सीनियर अधिकारियों के खिलाफ मामले को कमजोर किया है। खाद्यान की खरीद और परिवहन में करोड़ों रुपये का गबन हुआ है।
इस मामले में अब राइस माफियाओं और राइस मिलरों के भी नाम नंबर खंगाले जा रहे, और बहोत जल्द छापामार कार्रवाई के साथ धर पकड़ होने की खबर से बाजार में सरगर्मी तेज है।


