कभी कभी जो दिखाई दे जरूरी नहीं की सच वही हो, कई बार आंखें धोखा खा जाती हैं, तो कई बार आंखों को धोखा दिया जाता है। PART-1 ऐसा ही एक वाक्य छत्तीसगढ़ के रायपुर में देखने को मिला। जब मीडिया समेत कई लोगों से संपर्क कर एक बिजनेसमैन ने अपनी मजबूरी बताई। कि उसकी दुकान के बगल में एक औघड़ बाबा रहता है, जो उसके दुकान में आने वाले ग्राहकों को परेशान करता है। आनन फानन में भीड़ जुटी, हंगामा मचाया गया, कुछ लोगों ने मीडिया में बयान दिया की बाबा गाड़ियों को हटाने के लिए लड़ भिड़ जाता है। मीडिया के ही सहयोग से बाबा के खिलाफ माहौल बनाया गया। और फाइनली पुलिस बुला के बाबा को एक रात हवालात में गुजरवा दिया गया। इस नसीहत के साथ की अब उस दुकानदार की दुकानदारी में खलल मत डालना। (इस दौरान किसी ने भी बाबा का पक्ष सुनने की जहमत नहीं उठाई, क्योंकि दुकानदार के दिखाए वीडियो में दिख रहा था की बाबा गाड़ियों को सड़क से हटाने के लिए कह ही रहा था। PART-2 कुछ दिनों बाद हमारी टीम उसी जगह से गुजर रही थी, तो दिखा की कुछ पुलिस वाले बाबा की कुटिया के पास खड़े थे, पता चला बाबा की कुटिया जला दी गई, और बाबा जान बचा के भागा है, मामला जब थोड़ा खटका तो हमने बाबा से संपर्क करने की कोशिश की, शाम के वक्त बाबा अपनी जगह पे नही मिल रहे थे, तो हमारी टीम देर रात में उसके कुटिया (बरगद का एक पेड़ जिसके नीचे बाबा रहते है) पे गई, जहां बारिश में भीगते हुए बाबा लेटे हुए थे, हमारे आने की आहट पे बाबा चिल्लाने लगे की और मत मारो मुझे मैं तो अब कुछ नही बोलता, हमने बाबा को बताया कि हम मीडिया से हैं, तब वो थोड़े नॉर्मल हुए, दूसरे दिन सुबह हम बाबा के पास गए और बातें की जिसमे बाबा ने सनसनीखेज बातें बताई। कि पहले जब यहां कुछ नही था, और सिर्फ ये बरगद का पेड़ था, तब बाबा यहां आराम से रहते थे, बाद में इस जगह पे कई निर्माण कार्य हुए, और कई लोग अगल बगल में आकर अपनी दुकानदारी भी करने लगे।ऐसे में एक बड़े ब्रांड की चाय दुकान भी बाबा की कुटिया के बगल में खोली गई, लेकिन कुछ दिनों के बाद बाबा ने देखा कि चाय दुकान में आने वाले ग्राहक गाड़ियों को बेतरतीब तरीके से सड़क के मध्य तक में खड़ी कर रहे, जिस पर बाबा को ये डर सताने लगा की कल को अगर कोई हादसा हुआ तो यहां से सारे लोगों को हटाया जायेगा और उस चपेट में बाबा भी आएंगे, अब इस डर की वजह से बाबा ने आने वाले लोगों को समझाना, डांटना, शुरू किया की गाड़ियों को रोड में मत खड़ा करो, साइड में करो, साथ ही मेरे सामने भी मत खड़ा करो मै विकलांग हूं आने जाने में गाड़ियों की वजह से दिक्कत होती है, और गाड़ी खड़ी करने के बाद गाड़ी में ही बैठ के चाय सिगरेट का सेवन करते हुए ग्राहक कचरा वहीं सामने गिरा के चले जाते हैं। कुछ दिनों बाद विवाद ज्यादा बढ़ने लगा, दुकान मालिक ने बाबा को विक्षिप्त, उग्र और बदतमीज बताते हुए मीडिया और पब्लिक का सपोर्ट जुटाया, और बाबा के ऊपर दबाव बनाया गया की वो यहां से चला जाए। इसके साथ ही साथ बाबा को बिजली विभाग द्वारा प्रदत्त एकलबत्ती मीटर भी रसूख का इस्तेमाल करते हुए निकलवा देने का आरोप बाबा ने उस बिजनेसमैन पर लगाया है, फिर एक नाटकीय घटनाक्रम में अज्ञात लोगों द्वारा एक रात बाबा की कुटिया जला दी गई। और उसकी ट्रायसिकल को भी तोड़ दिया गया अब बाबा डरा हुआ है, खामोश है।गाड़ियां फिर से रोड के मध्य में खड़ी होने लगी, चाय सिगरेट के दौर चलने लगे। बाबा को अब किसी सामाजिक संस्था से मदद की आस है। इस मामले का सार ये है, कि कभी कभी सच वो नही होता जो दिखाया जाता है, बड़े बिजनेस चलाने वाले लोग अक्सर अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए पीड़ित को ही आरोपी बना देते हैं। मामले की तह तक जाना जरूरी होता है। https://youtu.be/WJ-NLpODev4