विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चीन की पहली कोविड-19 वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। WHO ने सिनोफार्म कोविड वैक्सीन को इमरजेंसी में इस्तेमाल करने की इजाजत दी है।
आपको बता दें कि यह वैक्सीन चीन सहित कई देशों में पहले ही लाखों लोगों को दी जा चुकी है। यह गैर-पश्चिमी देशों में विकसित पहली वैक्सीन है, जिसे WHO से मंजूरी मिली है। इससे पहले WHO ने इस वैक्सीन को मंजूरी देने के एक प्रमुख समिति का गठन किया था कि क्या इसे आपात स्थिति में इस्तेमाल की मंजूरी दी जाए या नहीं।
इससे पहले WHO ने फाइजर और BioNTech द्वारा बनाई गई वैक्सीन के साथ ऐस्ट्राजेनेका, जॉनसन एंड जॉनसन और मॉडर्ना द्वारा बनाई गई कोविड वैक्सीन को इमरजेंसी में इस्तेमाल करने की मंजूरी दी थी। कुल मिलाकर सिनोफार्म की वैक्सीन छठी कोरोना वैक्सीन है, जिसे WHO ने मंजूरी दी है।
सीनोफार्म का वैक्सीन चीन सहित 42 देशों में लोगों को लगाई गई है। इनमें अल्जीरियास केमरून, मिश्र, हंगरी, इराक, ईरान, पाकिस्तान, पेरु, यूएई, सर्बिया और सेशल्स जैसे देश शामिल हैं।
सिनोफार्म टीके को मंजूरी मिलने से संयुक्त राष्ट्र समर्थित कार्यक्रम के माध्यम से लाखों खुराकों को जरूरतमंद देशों तक पहुंचाने का रास्ता साफ हो जाएगा। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि आने वाले दिनों में चीन की सिनोवाक वैक्सीन को भी अनुमति मिल सकती है।




