छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में मंगलवार को छात्रों ने सुबह से लेकर रात तक जमकर हंगामा किया।
यूनिवर्सिटी में पहुंचे हजारों स्टूडेंट ऑनलाइन परीक्षा की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब पढ़ाई ऑनलाइन तरीके से हुई है तो एग्जाम भी वैसे ही होनी चाहिए। लगभग 5 घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद शाम के वक्त स्टूडेंट्स से उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल से मिले। शिक्षा मंत्री ने संकेत दिए हैं कि वो ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने को लेकर यूनिवर्सिटी प्रबंधन से बता करेंगे और छात्रों की मांग पूरी करने की दिशा में प्रयास करेंगे।
ऑनलाइन परीक्षा की मांग इस वजह से
छात्रों की इस आंदोलन की अगुवाई NSUI कर रहा है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, प्रदेश की सभी विश्वविद्यालय जिनमें दुर्ग, बस्तर, बिलासपुर की यूनिवर्सिटी शामिल हैं यह ऑनलाइन एग्जाम ले रही हैं। कोविड-19 प्रोटोकॉल की वजह से छात्रों की भीड़ जमा ना हो इसका ध्यान रखा जा रहा है। रविवि यूनिवर्सिटी प्रबंधन ऑफलाइन एग्जाम लिए जाने पर अड़ा है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि ऑनलाइन परीक्षा ली जाए।
कुलपति बोले- कमेटी बना देते हैं
काफी देर तक हुए नारेबाजी और हंगामे के बाद स्टूडेंट गेट से कूदकर अंदर आने की कोशिश करते रहे। पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई और गेट खोलकर स्टूडेंट कुलपति दफ्तर के करीब पहुंचने में कामयाब रहे। सभी पंडित रविशंकर शुक्ल की प्रतिमा के पास जमा हो गए और और कुलपति से मुलाकात करने की मांग करते रहे। करीब 4 घंटे बाद कुछ स्टूडेंट्स से कुलपति मिले और कहा कि हम कुछ डींस की कमेटी बना रहे हैं। छात्रों की मांग पर ये कमेटी विचार करेगी और दो दिनों के भीतर ऑनलाइन एग्जाम किए जा सकते हैं या नहीं इस पर रिव्यू रिपोर्ट सौंपेगी।
हालांकि इससे पहले कई बार स्टूडेंट्स ऑनलाइन एग्जाम की मांग लेकर मुलाकातें कर चुके हैं। मगर अब तक बात नहीं बनी इसलिए अब मंगलवार को प्रदेश के लगभग हर जिले से स्टूडेंट यहां पहुंचे और कैंपस का घेराव कर दिया गया। सबसे पहले स्टूडेंट यूनिवर्सिटी के गेट के अंदर दाखिल हुए तो आनन-फानन में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुलिस को खबर दी। प्रदर्शनकारी छात्रों को यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर ही रोक दिया गया था। यूनिवर्सिटी पहुंचे स्टूडेंटस नारा लगाते रहे कुलपति छांव में, हमारा भविष्य दांव में।
तनाव जारी रहा
यूनिवर्सिटी कैंपस में दिन भर की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने भी आसपास के कुछ थानों से एक्स्ट्रा फोर्स मंगाई । पुलिस के जवान लाठी-डंडों के साथ यहां तैनात हैं। यूनिवर्सिटी कैंपस में स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। दिन ढलने के बाद माहौल जरा शांत हुआ। मगर 500 से अधिक स्टूडेंट देर शाम तक कैंपस में बने रहे। कई बार पुलिस के अफसर और यूनिवर्सिटी प्रबंधन के अफसरों ने स्टूडेंट को ज्ञापन देकर लौटने को कहा लेकिन अब तक स्टूडेंट यहां से लौटे नहीं और इसी जिद पर अड़े हैं कि जब तक कुलपति आकर उनसे मुलाकात नहीं करते वह लौटेंगे नहीं
यह है परेशानी
यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट वैभव ने बताया कि पिछले 2 महीनों में 6 महीनों की पढ़ाई पूरी करवा दी गई। कोर्स ऑनलाइन तरीके से पूरा करवा दिया गया और अब 15 सितंबर से परीक्षाएं ली जानी है। प्रदेश के 2 लाख के अधिक छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में हिस्सा लेंगे। ऑनलाइन कम्यूनिकेशन की वजह से कई स्टूडेंट्स अपनी पढ़ाई ठीक तरह से पूरी नहीं कर पाए हैं। ऐसे में अचानक उन पर ऑफलाइन एग्जाम का बोझ डालना सही नहीं है। ऑफलाइन एग्जाम में 3 घंटे के भीतर सभी प्रश्नों के जवाब देने होते हैं, जबकि ऑनलाइन परीक्षा लिए जाने पर वक्त अधिक मिलता है।




















