कोविड-19 का भारतीय अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रतिकूल असर पड़ा है।
इसी का कारण है कि चालू वित्त वर्ष की पहली दो तिमाही में इकोनॉमी में गिरावट रही है। इससे देश में मंदी छाने का खतरा पैदा हो गया था। लेकिन अनलॉक के बाद आर्थिक गतिविधियों में लगातार सुधार हो रहा है।
इसका संकेत हाल में आए विभिन्न सेक्टर्स के पॉजिटिव नतीजों से मिला है। इन संकेतों से स्पष्ट हो गया है कि इकोनॉमी प्री-कोविड स्तर की ओर तेजी से बढ़ रही है फिलहाल मंदी का खतरा टल गया है।
तीसरी तिमाही में GDP में 0.4% की ग्रोथ
चालू वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में देश की GDP में 0.4% की ग्रोथ रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस तिमाही में देश की अनुमानित GDP 36.22 लाख करोड़ रुपए रही है। बयान में कहा गया है कि निर्यात और फैक्टरी गतिविधियों में तेजी की बदौलत GDP में पॉजिटिव ग्रोथ रही है।
आंकड़ों में जनवरी में बिजनेस गतिविधियों में रिकवरी की बात कही गई है। हालांकि, सरकार ने चालू वित्त वर्ष में देश की GDP में 8% की गिरावट का अनुमान जताया है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में GDP में 23.9% और दूसरी तिमाही में 7.5% की गिरावट रही थी।
