22 हजार हेक्टेयर फसल व 750 बिजली के पोल धराशायी, 120 गांवों की बत्ती गुल
बीकानेर में आधी रात बाद अचानक 75 किलोमीटर प्रति घंटा से आए तूफान ने किसानों को संभलने का मौका तक नहीं और देखते ही देखते 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की फसल चौपट हो गई।
राजस्थान में लगातार दूसरे दिन मौसम ने कहर बरपाया। अंधड़ से बीकानेर, चूरू, अलवर, अजमेर, जैसलमेर, बाड़मेर, झुंझुनूं, जयपुर सहित कई जिलाें में गेहूं, चना, सरसाें सहित अन्य फसलें चौपट हो गईं। जयपुर सहित कई इलाकाें में अंधड़ की रफ्तार 50-60 किमी/घंटा रही।
इससे कच्चे घर, बिजली के पाेल टूट गए, पेड़-पाैधे उखड़ गए। करीब दाे घंटे अंधड़ के बाद अचानक बारिश होने लगी। इसके बाद बिजली विभाग को करीब 400 शिकायतें मिलीं।
आगे क्या? दो दिन बाद बढ़ेगी गर्मी
जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम ने बताया कि प. विक्षोभ का असर बुधवार तक खत्म हाे जाएगा। इसके बाद माैसम साफ रहेगा। अगले एक हफ्ते तक आंधी-अंधड़ बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, उत्तरी हवाओं और वातावरण में नमी से एक-दाे दिन हल्की ठंड रहेगी लेकिन इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी हाेने से गर्मी का असर बढ़ना शुरू हो जाएगा। मंगलवार को बारिश के बाद जयपुर में 9 डिग्री तक पारा गिर गया था।
750 से ज्यादा बिजली के खंभे धराशायी हो गए।
1100 से ज्यादा पेड़ उखड़ गए। दर्जनों पॉली हाउस और सोलर प्लांट को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
बिजली खंभे टूटने से 120 गांव अंधेरे में हैं। 1100 ग्रामीण-शहरी क्षेत्र से बिजली की शिकायतें पहुंची हैं।
राजस्थान में अंधड़ और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करवाया जाएगा।
