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ह्यूमन राइट्स वॉच की दक्षिण एशिया निदेशक मीनाक्षी गांगुली का कहना भारतीय नेताओं को ऑक्सीजन की नहीं, अपनी छवि की चिंता

newsmrl.com south asia human right director statement cover by rihan ibrahim

ह्यूमन राइट्स वॉच की दक्षिण एशिया निदेशक मीनाक्षी गांगुली का कहना है कि कोरोना महामारी झेल रहे भारत में नेताओं को ऑक्सीजन और दूसरी मेडिकल चीज़ों की कमी के बजाए अपनी आलोचना और छवि की चिंता है.

मीनाक्षी का कहना है कि जब इन विफलताओं के लिए सरकार की आलोचना होती है तो सरकार ने इस पर अपनी नाराज़गी जताई है और इस संबंध में दिए गए किसी भी सलाह-मशविरे का अधिकारियों ने मज़ाक़ ही उड़ाया है.

उनके अनुसार सरकार ने मेडिकल सप्लाई को बढ़ाने की कोशिश ज़रूर की है लेकिन अभी भी अस्पतालों तक चीज़ें नहीं पहुँच पा रही है.

उन्होंने कहा कि भारत में जो लोग या ग़ैर-सरकारी संस्थाएं कोरोना मरीज़ों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं उनके पास मदद माँगने वालों की कमी नहीं हो रही है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के सुझावों को झिड़कते हुए उनकी विपक्षी कांग्रेस पार्टी पर कोरोना के बारे में झूठ फैलाने का आरोप लगाया.

ऑक्सीजन और दूसरी किसी भी चीज़ की कमी के आरोपों को ख़ारिज करते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्यकर्मियों सहित किसी भी शिकायत करने वालों के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (रासुका) लगाकर उनकी संपत्ति ज़ब्त करने की धमकी दी.

मीनाक्षी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को भारत में मेडिकल उपकरणों और दूसरे सामानों की कमी को दूर करने और वैक्सीन को सुनिश्चित करने में मदद करनी चाहिए.

भारत की सर्वोच्च अदालत ने पहले ही चेतावनी दी है कि अगर किसी भी पुलिस अधिकारी ने सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी शिकायत करने वाले किसी व्यक्ति पर कोई कार्रवाई की तो उसे अदालत की अवमानना माना जाएगा.

हालाँकि भारत सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तो यहाँ तक कहा था कि राज्य में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है.

मीनाक्षी गांगुली का कहना था कि भारत में जहाँ रोज़ाना क़रीब चार लाख लोग संक्रमित हो रहे हैं और तीन हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो रही है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात में लगे हैं कि उनकी छवि ख़राब ना हो.

कई लोगों ने कहा है कि कोरोना महामारी को हैंडल करने में मोदी सरकार पूरी तरह विफल रही है. कई लोगों ने तो इस बात पर भी आपत्ति जताई है कि इस सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं.

भारत के वैक्सीन निर्माताओं ने दुनियाभर को कोरोना वैक्सीन देने का वादा तो कर लिया लेकिन अब वो सप्लाई पूरी नहीं कर पा रहे हैं.

इस बीच वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि उन्हें धमकी के कारण भारत छोड़ना पड़ा है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर वो यह कहते कि चुनावों के दौरान बड़ी-बड़ी रैलियों और हिंदुओं के धार्मिक आयोजन (कुंभ मेला) के कारण कोरोना फैलने में तेज़ी हुई तो उनका सिर क़लम कर दिया जाता.

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