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ट्विटर पर FIR दर्ज करने वाला पहला राज्य बना उत्तर प्रदेश. `मुस्लिम बुजुर्ग की दाढ़ी काटने वाला वीडियो वायरल होने के बाद`

newsmrl.com Uttar Pradesh became the first state to register an FIR on Twitter after the video of a Muslim elder cutting the beard went viral. update by Akanksha Tiwari

नए आईटी नियमों का पालन न करने को लेकर ट्विटर पर भारत की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है।

अब ट्विटर से भारतीय आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिली कानूनी कार्रवाई से छूट को खत्म कर दिया गया है। कानूनी संरक्षण खत्म होते ही उत्तर प्रदेश ट्विटर के खिलाफ फेक न्यूज को लेकर केस दर्ज करने वाला पहला राज्य बन गया है। एक अधिकारी के मुताबिक, 26 मई से ट्विटर को मिली कानूनी छूट खत्म हो चुकी है। सरकार ने पहले ही ट्विटर को यह चेताया था कि अगर उसने नए आईटी नियमों का पालन नहीं किया तो उसे आईटी कानून के तहत दायित्व से जो छूट मिली है, वह वापस ले ली जाएगी। इसके साथ ही उसे आईटी कानून और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।

इससे पहले मंगलवार को ट्विटर ने कहा था कि उसने भारत के लिए अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त कर लिया है। जल्द ही अधिकारी का ब्योरा सीधे सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ साझा किया जाएगा। नए आईटी नियम 25 मई, 2021 से लागू हो चुके हैं, लेकिन ट्विटर ही एक ऐसा अकेला टेक प्लेटफॉर्म है जिसने सरकार की तरफ से कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद इन नियमों का पालन नहीं किया है।

गाजियाबाद पुलिस ने क्यों दर्ज किया केस?
उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस ने एक बुजुर्ग के साथ मारपीट और अभद्रता किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिनमें से एक ट्विटर इंडिया भी है। इन सभी पर घटना को गलत तरीके से सांप्रदायिक रंग देने की वजह से यह ऐक्शन लिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि एक बुजुर्ग मुस्लिम को पीटा गया और उसकी दाढ़ी काट दी गई। गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक, ट्विटर ने वीडियो को वायरल होने से रोकने के लिए कुछ नहीं किया।

पुलिस के मुताबिक इस मामले की सच्चाई कुछ और है। पीड़ित बुजुर्ग ने आरोपी को कुछ ताबीज दिए थे जिनके परिणाम न मिलने पर नाराज आरोपी ने इस घटना को अंजाम दिया। लेकिन ट्विटर ने इस वीडियो को मैन्युप्युलेटेड मीडिया का टैग नहीं दिया। पुलिस ने यह भी बताया कि पीड़ित ने अपनी FIR में जय श्री राम के नारे लगवाने और दाढ़ी काटने की बात दर्ज नहीं कराई है।

बता दें कि नए नियमों का पालन 25 मई तक करना था लेकिन बार-बार नोटिस मिलने के बावजूद ट्विटर ने वैधानिक अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की, जो कि नए नियमों के तहत अनिवार्य था। आईटी एक्ट की धारा 79 अभी तक ट्विटर को किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से छूट देती थी। हालांकि, अब यह सुरक्षा खत्म होने के बाद यदि कोई यूजर गैर-कानूनी या भड़काऊ पोस्ट करता है तो इस मामले में ट्विटर से भी पुलिस पूछताछ कर सकती है।

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