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गंगा का जल स्तर बढ़ने से दफनाए गए शवों का नदी में बहने का बढ़ा खतरा

newsmrl.com Due to the rise in the water level of the Ganges, there is an increased risk of the buried bodies flowing into the river update by karan Roy

संगम नगरी प्रयागराज में गंगा नदी का जल स्तर बढ़ने से कोरोना काल में फाफामऊ घाट पर नदी किनारे रेत में बड़ी संख्या में दफनाये गए शवों के नदी में समाहित होने का खतरा मंडराने लगा है.

नदी का जल स्तर बढ़ने और तेज बहाव की वजह से श्मशान घाटों पर रेत का तेजी से कटान हो रहा है. जिससे कई शव गंगा नदी की जल धारा को भी छूते नजर आ रहे हैं. ऐसे में अगर गंगा का जल स्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो जल्द रेत में नदी के किनारे दफनाये गए शव नदी में समाहित होकर उसके जल को प्रदूषित करने लगेंगे.

दरअसल, उत्तराखंड के पहाड़ों पर हुई बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने से बीते एक सप्ताह से गंगा नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे फाफामऊ घाट पर रेत का कटान भी हो रहा है. न्यूज 18 ने पहले ही अपनी रिपोर्ट में इस बात की आशंका जतायी थी और प्रशासन को आगाह भी किया था कि अगर गंगा नदी का जल स्तर बढ़ा तो नदी के किनारे रेत में दफनाये गए शव नदी में समाहित हो सकते हैं. हांलाकि, हमारी खबर के बाद जागे प्रशासन ने 18 मई को श्मशान घाटों पर शवों को दफनाने पर तो पाबंदी लगा दी थी, लेकिन इन शवों को शिफ्ट करने या फिर निस्तारित के मामले में प्रशासन ने कोई गम्भीरता नहीं दिखायी. हालांकि, अधिकारियों ने ये जरुर कहा है कि जो शव भी कटान की जद में आयेंगे उनका परम्परा के मुताबिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया जायेगा.

मोक्षदायिनी गंगा को लेकर खराब छवि भी पेश होगी

लेकिन जिस तरह के हालात फाफामऊ घाट पर बन रहे हैं, कगार पर दफनाये गए शव उपर रेत में अटके हैं और लगातार अभी भी कटान भी हो रहा है. उससे कटान बढ़ने पर ये शव नदी के तेज बहाव के साथ बहकर गंगा नदी में जा सकते हैं और जल को प्रदूषित भी कर सकते हैं. न्यूज 18 की टीम ने नाव के जरिए फाफामऊ घाट का जब जायजा लिया तो ऐसी तस्वीरें कैमरे में कैद हुईं जिसको देखकर आप भी अंदाजा लगा सकते हैं कि जल्द ही रेत में दफन शव अब नदी में समा सकते हैं. बहरहाल अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में रेत में दफनाये गए शवों के गंगा में समाहित होने से न केवल गंगा का जल प्रदूषित होगा. बल्कि पूरे देश और दुनिया में भी मोक्षदायिनी गंगा को लेकर खराब छवि भी पेश होगी.

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