IG कश्मीर विजय कुमार के मुताबिक, आतंकी हमले में 3 जवान घायल हुए थे। इसमें से एक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
उन्होंने कहा कि इस हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है। घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, आतंकियों को पकड़ने के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। CRPF के जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक, हमले में शहीद एक ASI का नाम मांगा राम बताया जा रहा है। वह त्रिपुरा के रहने वाले थे।
डीआईजी के मुताबिक, NH-44 पर 73वीं बटालियन की ROP लगी थी, पैदल आतंकवादियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग की। इसमें मौके पर ही एक सब-इंस्पेक्टर शहीद हो गए और दूसरे की इलाज के दौरान मौत हो गई। एक गंभीर रूप से घायल हैं और एक ही हालत स्थिर है। इलाके की घेराबंदी की है। 3-4 लोगों ने फायरिंग की है।
आतंकी अहमद वानी इलाके में सितंबर से एक्टिव था। इससे पहले 13 मार्च को आतंकियों ने पुलिस चौकी पर ग्रेनेड से हमला किया था। उत्तरी कश्मीर में सोपोर बस स्टैंड के पास हुए आतंकी हमले में आतंकियों का निशाना चूक गया था। तब वे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके थे। इस दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
इससे पहले 11 दिन पहले 14 मार्च को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें सुरक्षाबलों ने एक आतंकी मार गिराया था। यह ऑपरेशन शोपिया के रावलपोरा के इलाके में पूरी रात चला था। इसके बाद अगले दिन रविवार को लश्कर ए तैयबा से जुड़े आतंकी जहांगीर अहमद वानी को ढेर कर दिया था। इस मुठभेड़ वाली जगह से USA मेड M4 कार्बाइन राइफल भी मिली थी। इस राइफल का इस्तेमाल अमेरिकी सेना भी करती है।
