कहते हैं कि दुनिया की कोई ऐसी जगह नहीं है, जहां किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो लेकिन फिर भी परेशानी होने का मतलब यह नहीं है कि वहां के लोग खुश नहीं रह सकते।
बहरहाल, आपकी खुशी का जो भी पैमाना हो लेकिन हैप्पीनेस इंडेक्स में जगह बनाने के लिए कुछ इंडिकेटर्स रखे गए हैं, जिनके आधार पर हर साल वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स की लिस्ट जारी की जाती है। इस लिस्ट में दुनिया के सबसे खुशहाल देश और नाखुश देशों का नाम होता है।
वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2021 के अनुसार लगातार चौथे साल फिनलैंड सबसे खुश देशों में टॉप पर रहा। यूनाइटेड नेशंस सस्टेनेबल डेवलपमेंट सॉल्यूशंस नेटवर्क की जारी इस रिपोर्ट में दूसरे से पांचवें नंबर तक डेनमार्क, स्विट्जरलैंड, आइसलैंड और हॉलैंड का नाम रहा। वहीं नाखुश देशों की लिस्ट में भारत चौथे नंबर पर रहा। आइए, जानते हैं इस लिस्ट में कौन-कौन से देशों ने जगह बनाई है।
World Happiness Index top 10 list
- फिनलैंड
- डेनमार्क
- स्विट्जरलैंड
- आइसलैंड
- नीदरलैंड
- नॉर्वे
- स्वीडन
- लक्समबर्ग
- न्यूजीलैंड
- ऑस्ट्रिया
यूनाइटेड नेशंस सस्टेनेबल डेवलपमेंट सॉल्यूशंस नेटवर्क ने तीन मुख्य इंडिकेटर्स जीवन का मूल्यांकन, सकारात्मक भावनाएं और नकारात्मक भावनाएं को आधार मानते हुए विभिन्न देशों को इस लिस्ट में जगह दी है।
जिम्बाब्वे को वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स में सबसे कम नंबर मिले हैं। इस वजह से यह दुनिया का सबसे परेशान और बदहाल देश बन गया है। पिछले साल भी ये देश सबसे आखिर में था। इस देश में लंबे समय तक तानाशाही रही और अब भी राजनैतिक अस्थिरता बनी हुई है। भुखमरी और बेरोजगारी के अलावा स्वास्थ्य सुविधाएं भी जिम्बाब्वे में नहीं के बराबर हैं।
भारत 149 देशों की इस लिस्ट में 139 नम्बर पर है। प्रशांत भूषण ने एक ट्वीट करते हुए कहा चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल की तुलना में संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समाधान नेटवर्क द्वारा जारी विश्व खुशहाली रिपोर्ट 2021 में भारत 149 देशों में से 139 वें स्थान पर है। विश्वगुरु मोदी की बदौलत हम एक साल में 105 से 129 हो गए
