छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज शराब बिक्री पर लगे सेस से जमा हुई राशि के खर्च का मामला उठा।
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा, मई 2020 में शराब बिक्री पर लगाये गये सेस से 3 फरवरी 2021 तक कितनी राशि जमा हुई है। कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग को इस मद से कितनी रकम दी गई।
जवाब में आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने बताया, देशी शराब की बिक्री से 198 करोड़ 19 लाख 98 हजार 240 रुपए जमा हुआ है। वहीं विदेशी शराब की बिक्री से 166 करोड़ 55 लाख 38 हजार 308 रुपये आये हैं। इस मद से अभी तक कोई रकम आवंटित नहीं की गई है। भाजपा विधायकों ने पूछा कि शराब पर यह सेस किन उद्देश्यों के लिए लगाया गया था। आबकारी मंत्री कवासी लखमा पूरी तरह जवाब नहीं दे पाये तो वन, परिवहन और कानून मंत्री मोहम्मद अकबर ने मोर्चा संभाला।
उन्होंने बताया, यह सेस स्वास्थ्य, आधारभूत ढांचे के विकास और पोषण के लिए लगाया गया था। उन्होंने बताया, सामान्य प्रशासन में बने मुख्यमंत्री अधोसंरचना उन्नयन एवं विकास प्राधिकरण को इस मद से किसी काम के लिए राशि स्वीकृत करना है। मंत्री का जवाब आने के बाद पूरा विपक्ष भड़क उठा। विधायकों ने पूछा कि कोरोना काल में वित्तीय कमी को दूर करने के मकसद से यह सेस लगाया गया है, लेकिन अभी तक इसकी राशि खर्च नहीं होना गंभीर अनियमितता है। विधायकों का कहना था, ऐसा हुआ तो पूरा सेस अवैध हो जाएगा।
मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा, सेस से जो भी रकम जमा हुई है वह उसके उद्देश्यों में शामिल मदों में ही खर्च होगी। इसमें अनियमितता जैसी कोई बात नहीं है। मंत्री के जवाब से नाराज भाजपा विधायक हंगामा करने लगेे। बाद में मंत्री के जवाब से नाराज भाजपा विधायकों ने वॉकआउट किया।
