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रौंगटे खड़े कर देगी ये वारदात-14 साल की लड़की का 5 जगह 48 घंटे तक 20 से ज्यादा लोगों ने गैंगरेप किया, खाना और तन ढकने के लिए कपड़े मांगती रही बच्ची

newsmrl.com This incident will make you cry 14-year-old girl was gang-raped by more than 20 people for 48 hours in 5 places, the girl kept asking for food and clothes to cover her body update by Rihan Ibrahim

पुणे, गैंगरेप की दिल दहलाने वाली वारदात के बाद सुर्खियों में है।

यहां कुछ लोगों ने पहले 14 साल की बच्ची का अपहरण किया, फिर उसे 5 अलग-अलग ठिकानों पर 48 घंटे तक कई बार गैंगरेप का शिकार बनाया।

जब बच्ची की हालत खराब हो गई, तो दरिंदों ने उसे पुणे से मुंबई भेज दिया। बच्ची यहां से अपने एक दोस्त के साथ चंडीगढ़ पहुंची। यहां GRP ने बच्ची को बरामद किया और पुणे पुलिस को सौंप दिया। इस मामले में पुणे पुलिस ने अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें बच्ची का एक दोस्त, रेलवे के दो कर्मचारी और 11 ऑटोरिक्शा ड्राइवर शामिल हैं।

पानी में नशीली दवा पिलाकर किया अपहरण
DCP नम्रता पाटिल ने बताया कि इस घटना की शुरुआत 31 अगस्त की रात साढ़े 10 बजे हुई। बच्ची के माता-पिता बेहद गरीब हैं और पुणे में कई साल से एक नर्सरी में काम कर रहे हैं। नाबालिग उस वक्त बिना किसी को बताए घर से अपने 19 साल के दोस्त से मिलने निकल गई। वो एक ऑटो रिक्शा में पुणे स्टेशन पहुंची। यहां काफी देर तक खड़े रहने के बाद, जब उसका दोस्त नहीं आया तो वह रोने लगी। उसे रोता देख एक ऑटो ड्राइवर उसके पास आया। उसने बच्ची से कहा कि वह स्टेशन के बाहर चले, उसे उसका दोस्त बुला रहा है। बच्ची परेशान थी और उसे लगा कि ऑटो ड्राइवर सही बोल रहा है। इसके बाद वह बच्ची को बाहर ले आया और उसे पानी-पीने को दिया। बच्ची का कहना है कि उसे पानी पीते ही उसे चक्कर आ गया

सबसे पहले उस ड्राइवर ने बच्ची के साथ रेप किया, जो उसे अपने साथ लेकर आया था। इसके बाद उसने फोन कर कुछ और लोगों को बुलाया और फिर सभी ने बारी-बारी से हैवानियत को अंजाम दिया। DCP पाटिल ने बताया कि पीड़िता लगातार चिलाते हुए उनके आगे हाथ जोड़ती रही, लेकिन आरोपियों ने उसे बिना कपड़े के कमरे में बंद रखा था। हर कुछ घंटे के बाद एक नया शख्स आता और नाबालिग के साथ दुष्कर्म करता। बच्ची लगातार कपड़े और खाने की मांग कर रही थी, लेकिन किसी को उस पर रहम नहीं आया। रेप के बाद आरोपी उसे धमका भी रहे थे कि अगर उसने बाहर जाने के बाद किसी को कुछ बताया तो उसे जान से मार डालेंगे।

ऑटो ड्राइवर ने बच्ची का अपहरण किया और एक सुनसान जगह ले जाकर उसके साथ रेप किया। इसके बाद उसने अपने एक दोस्त को बुलाया और नाबालिग को उसे सौंप दिया। इसके बाद लड़की को एक होटल में ले जाकर तीन अन्य लोगों ने उसके साथ बारी-बारी से रेप किया। अगले दिन भी इसी होटल में चार और लोगों ने पीड़िता को अपनी हवस का शिकार बनाया। फिर आरोपी लड़की को लेकर एक रूम में गए और वहां भी कई बार उसके साथ रेप किया। 12 आरोपियों ने लड़की से साथ पुणे के विश्रांतवाड़ी, विमान नगर, कोंढवा और कुछ अन्य स्थानों पर रेप किया।

अभी तक इस मामले में मशक कन्याल (27), अकबर शेख (32), अजरुद्दीन अंसारी (27), नोएल खान (24), आसिफ पठान (36), प्रशांत गायकवाड़ (29), रफीक शेख (32), राजकुमार प्रसाद (29), गोलू (19) और चार अन्य को गिरफ्तार किया गया है।

पुणे में तबीयत बिगड़ने के बाद आरोपियों में से एक बच्ची को लेकर बस से मुंबई के दादर पहुंचा और उसे रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर तैनात एक रेलकर्मी को सौंप दिया। आरोप है कि रेल कर्मचारी ने भी कमरे में ले जाकर उसके साथ कुकृत्य किया और उसके दोस्त को बुलाकार उसे सौंप दिया। इसके बाद दोनों एक ट्रेन से मंगलवार को चंडीगढ़ स्टेशन पहुंचे। वहां बच्ची को गंभीर हाल में देख GRP के कुछ लोगों उन पर शक हुआ। कुछ देर की पूछताछ के बाद उन्हें प्रोजेक्ट डारेक्टर चाइल्ड लाईन को सौंप दिया गया।

प्रोजेक्ट डारेक्टर चाइल्ड लाईन की डारेक्टर संगीता जंड ने बताया कि पहले तो उन्हें लगा कि लड़की घर से भागी है। जब उन्होंने नाबालिग की काउंसलिंग कि तो मामले में एक के बाद एक खुलासा होता गया। इसके बाद उन्होंने पुणे पुलिस से जानकारी ली, तो पता चला कि वहां पर लड़की की गुमशुदा होने का मामला दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुणे पुलिस की टीम हवाई मार्ग से आकर नाबालिग लड़की को अपने साथ मुंबई लेकर गई।

बच्ची के पिता ने बाताया कि बच्ची इतनी डरी हुई है कि वह एक कोने में बैठ कर सिर्फ रोती रहती है। वह बयान लेने वाले पुलिसकर्मियों से भी सही ढंग से बात नहीं कर पा रही है। वह जरा सी आवाज से डर जाती है और अपने आस-पास किसी पुरुष को देख घबरा जाती है। पिता ने बताया कि बच्ची का सपना बड़े होकर एक बड़ा अफसर बनने का था, लेकिन अब उसका सब कुछ खत्म होता नजर आ रहा है। वह बार-बार घर जाने की बात कहती है। इस वारदात के बाद से माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है और वे सिर्फ इंसाफ की मांग कर रहे हैं। पिता ने सिर्फ इतना कहा कि मुझे कानून पर पूरा भरोसा है। कानून आरोपियों को कड़ी सजा देगा

बच्ची का पुणे के एक हॉस्पिटल में इलाज जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि वह खतरे से बाहर है। शारीरिक जख्म भले ही भर जाएं, लेकिन उसे जो मानसिक आघात हुआ है, वह शायद पूरी जिंदगी नहीं भरने वाला। बच्ची के परिजन सिर्फ इतना कह रहे हैं कि हम पहले से परेशान हैं, हमसे बात कर हमारी परेशानी और मत बढ़ाइए। इस मामले की जांच करने वाली ऑफिसर DCP नम्रता पाटिल ने मीडिया को जो बताया कि यह वाकई रोंगटे खड़े करने वाला मामला है।

आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने पुणे रेलवे स्टेशन के बाहर और अंदर लगे 100 से ज्यादा CCTV कैमरों को कई घंटे तक खंगाले। एक कैमरे में लड़की की तस्वीर और ऑटो का नंबर मिला। इसके बाद एक आरोपी को पकड़ कर उससे पूछताछ शुरू हुई। कुछ ही घंटे में उसने अपना गुनाह कबूल करते हुए अपने अन्य साथियों का पता बता दिया। सभी 14 आरोपियों को अदालत में पेश कर दिया गया। अदालत ने उन्हें 10 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। DCP पाटिल का कहना है कि हम लॉज के मालिक की भूमिका की जांच भी कर रहे हैं।

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