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छत्तीसगढ़ में धान पर बड़ा फैसला किसान न्याय योजना में अब हर साल 10 हजार की जगह 9 हजार ही मिलेगा

newsmrl.com In Chhattisgarh, a big decision on paddy will now be given only 9 thousand instead of 10 thousand every year in the Kisan Nyay Yojana. update by kiran rawat

,धनहर खेतों में पेड़ लगाने पर भी प्रति एकड़ 9 हजार रुपए की मदद करेगी सरकार

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में आज राजीव गांधी किसान न्याय योजना के विस्तार पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि बैठक में तय हुआ कि धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ जाने से राज्य सरकार की ओर से दी जा रही 10 हजार रुपए प्रति एकड़ की मदद से मूल्य 2500 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक हो जा रहा है। इसको संतुलित करने के लिए यह 9 हजार रुपए प्रति एकड़ कर दी जाए। थोड़ी देर चर्चा के बाद यह प्रस्ताव पारित हो गया। लेकिन इसमें यह जोड़ दिया गया कि अगले वर्षों में धान का समर्थन मूल्य बढ़ा तब भी यह सहायता 9 हजार रुपए से कम नहीं की जाएगी।

इसके साथ ही राजीव गांधी किसान न्याय योजना के विस्तार के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई। अब सरकार इस साल खरीफ की सभी फसलों धान, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, कपास, पटसन, गन्ना और कृषि वानिकी को भी 9 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता प्रदान करेगी। इस योजना में समस्त श्रेणी के भूमि स्वामी कृषक एवं वन पट्टाधारी कृषक पात्र होंगे। कृषि वानिकी में यह सहायता पौधा लगाने के पहले दो वर्षों तक ही चार किश्तों में अदा की जाएगी। वहीं गन्ना उत्पादक किसानों को 84.25 रुपए प्रति क्विंटल की दर से यह सहायता मिलेगी।

पिछले वर्ष धान की रिकॉर्ड खरीदी करने वाली सरकार अब धान की फसल पर निर्भरता खत्म करने की ओर बढ़ रही है। राज्य सरकार ने आज राजीव गांधी किसान न्याय योजना में धान उत्पादकों को मिलने वाली 10 हजार रुपए प्रति एकड़ की आदान सहायता को घटाकर 9 हजार रुपए कर दिया। सरकार ने इस योजना में दलहनी-तिलहनी फसलों और कृषि वानिकी को भी शामिल कर लिया। इसके मुताबिक कोई किसान अपने धनहर खेत में पेड़ लगाता है तो सरकार उसे पहले दो वर्षों तक प्रति एकड़ 9 हजार रुपए की सहायता चार किश्तों में देगी।

धान को कम करने वृक्षारोपण में भी प्रोत्साहन

सरकार ने मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना शुरू करने का भी फैसला किया। इसके तहत निजी क्षेत्र, कृषकों, शासकीय विभागों एवं ग्राम पंचायतों की भूमि पर इमारती, गैर इमारती प्रजातियों के वाणिज्यिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 100 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान किया जाएगा। इस योजना के तहत खरीफ वर्ष 2020-21 में धान की फसल लेने वाले किसान यदि इसके बदले अपने खेतों में वृक्षारोपण करेंगे तो उन्हें आगामी 3 वर्षों तक प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए प्रति एकड़ के मान से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

वन प्रबंधन समितियों के लिए भी फायदा

इस योजना के तहत अगर संयुक्त वन प्रबंधन समितियां किसी राजस्व भूमि पर वृक्षारोपण करती हैं तो उन्हें भी फायदा होगा। समिति को एक वर्ष बाद प्रति एकड़ के मान से 10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। बाद में वृक्षों को काटने और बेचने का अधिकार संबंधित समिति काे होगा।

मंत्रिपरिषद में यह फैसले भी हुए

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जरूरी सामग्रियाें के विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए औद्योगिक नीति 2019-24 में संशोधन किया गया। – गोधन न्याय योजना के तहत गोठानों में बचे गोबर से आर्गेनिक मेन्योर बनाने का भी प्रस्ताव पारित हुआ। इस सामान्य गोबर खाद का विक्रय 6 रुपए प्रति किलो की दर से बेचा जाएगा। लाभांश राशि में से 90 पैसा प्रति किलोग्राम संबंधित स्व -सहायता समूह को दिए जाने का निर्णय लिया गया।
राज्य प्रशासनिक सेवा के संवर्ग प्रबंधन हेतु डिप्टी कलेक्टर से संयुक्त कलेक्टर के पद पर क्रमोन्नति में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने हेतु 10 प्रतिशत के सीमा बंधन को 31 मई 2022 तक के लिए शिथिल किए जाने का अनुमोदन किया गया।
बिना रजिस्ट्रेशन के वाहन चलाने पर जुर्माना लगाने का अधिकार विभिन्न स्तर के अधिकारियों को दे दिया गया।
छत्तीसगढ़ मोटर कराधान अधिनियम व नियम 1991 एवं छत्तीसगढ़ मोटर यान नियम 1994 के अंतर्गत निष्प्रयोग में रखे जाने वाले वाहन एवं अनुज्ञा पत्र की अवधि को 31 जुलाई 2021 तक छूट प्रदान कर दिया गया।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में चने की आपूर्ति के लिए 5680 रुपए प्रति क्विंटल की दर से चना खरीदने का निर्णय हुआ।
राजनांदगांव में सोलर पार्क बनाने के लिए ऊर्जा विभाग को आवंटित 377.423 हेक्टेयर जमीन में से 188.760 हेक्टेयर भूमि को छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीयूशन कम्पनी लिमिटेड को लीज पर देने का फैसला हुआ।

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