अफ़्रीकाअमेरिकाअसमउत्तर प्रदेशउत्तराखंडएशियाकमाईकोलकातागोवाछत्तीसगढ़जयपुरदिल्लीनोएडापंजाबफूडबंगालबाज़ारबिज़नेसबिहार झारखंडभारतमध्प्रदेशमहाराष्ट्रमुंबईयूरोपराजस्थानरायपुर शहररिहान इब्राहिम मुंबई/अंतरराष्ट्रीयलाइफस्टाइलवर्ल्ड
Trending

दुनिया भर में मनाया जा रहा आज: विश्व व्हिस्की दिवस, मदिराप्रेमियों में जश्न का माहौल।

newsmrl.com Today is being celebrated all over the world: World Whiskey Day, the festive atmosphere among the lovers. exclusive report by Rihan Ibrahim

आज विश्व व्हिस्की दिवस है। यह हर साल मई महीने के तीसरे शनिवार को मनाया जाता है। इसे सबसे पहली बार साल 2012 में मनाया गया था। उस समय से यह हर साल मनाया जाता है।

वर्तमान समय में दुनिया के हर कोने में व्हिस्की मिल जाती है। भारत में भी शराब प्रेमी व्हिस्की को खूब पसंद करते हैं। हालांकि, अतंरराष्ट्रीय वाइन दिवस 27 मार्च को मनाया जाता है। आइए, विश्व व्हिस्की दिवस के बारे में सबकुछ जानते हैं-

विश्व व्हिस्की दिवस का इतिहास

विश्व व्हिस्की दिवस मनाने की शुरुआत साल 2012 में हुई थी। इसके फाउंडर यानी संस्थापक ब्लेयर बोमन है। उस समय ब्लेयर एबरडीन विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे थे। उन्होंने लोगों को एक साथ मिलकर व्हिस्की दिवस मनाने की बात की। इसके लिए हर साल सोशल मीडिया पर हैशटैग वर्ल्ड व्हिस्की डे पर चलाया जाता है। इसमें दुनियाभर के लोग सोशल मीडिया के जरिए जुड़ते हैं। खासकर कोरोना काल में लोग अपने घरों में रहकर ही वर्ल्ड व्हिस्की डे सेलिब्रेट कर रहे हैं।

व्हिस्की क्या है

व्हिस्की एक मादक पदार्थ है, जो गेंहू, जौ, राई और मक्का से बनाई जाती है। आमतौर पर व्हिस्की दो प्रकार की होती है। माल्टा व्हिस्की अंकुरित अनाज और ग्रेन व्हिस्की को बिना अंकुरित अनाज से बनाई जाती है। इतिहास के पन्नों के पलटने से पता चलता है कि स्कॉटलैंड की किताबों में इसका उल्लेख सर्वप्रथम अंकित है। ऐसा माना जाता है कि 15 वीं शताब्दी से व्हिस्की मिलती है। अमेरिका में व्हिस्की का उत्पादन 18 वीं सदी से हो रहा है।
स्कॉटलैंड की व्हिस्की सबसे उत्तम मानी जाती है। इस देश की व्हिस्की को स्कॉच व्हिस्की कहा जाता है। भारत समेत दुनिया के कई देशों में व्हिस्की बनाई जाती है। शराब प्रेमी इस दिन को उत्सव की तरह मनाते हैं। सोशल मीडिया के जरिए लोग एक दूसरे को विश्व व्हिस्की दिवस शुभकामनाएं दे रहे हैं।

लॉकडाउन के दौरान काफी लंबे वक्त के लिए भारत में शराब दुकानों को बंद कर दिया गया था। जिसकी वजह से कई घरों में चूल्हा फिर से जलना शुरू हो गया था, और शराबियों में भी काफी सुधार आ गया था, एक समय ऐसा आ गया था जब शराब के शौकीन भी कहने लगे थे की अच्छा है बंद ही रहे, जब ऑप्शन नहीं है तो अब इच्छा भी नही होती। लेकिन फिर सरकारों ने अपने खाली होते खजाने को भरने की मजबूरी में बिना किसी मांग और बिना किसी आंदोलन के शराबियों के लिए शराबखाने खोल दिए।

लॉकडाउन और कोरोना काल में भी मदिरा प्रेमियों ने मदिरपान नही छोड़ा, इसके पीछे उनका एक मजेदार तर्क ये भी रहा है की अगर शराब नही पिएंगे तो देश और राज्य की अर्थव्यवस्था जो डांवाडोल है, वो और गर्त में चली जायेगी, इसलिए शराब पी के सरकार के राजस्व में एक छोटा सा योगदान है ये उनकी तरफ से।

कही न कही ये बात इसलिए भी आती है क्योंकि सरकार बेच रही है तो ही तो लोग पी रहे ना। और कुछ राज्यों में तो मदिरा की होम डिलीवरी सुविधा तक मिल रही।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
Dark Mode Available in newsmrl.com में डार्क मोड उपलब्ध है
%d bloggers like this: