असमआपदाआर्मीउत्तर प्रदेशउत्तराखंडकेंद्रकेंद्र शासित राज्यकोविड-19गोवाछत्तीसगढ़जम्मू कश्मीरदिल्लीपंजाबप्रधानमंत्रीबंगालबाज़ारबिज़नेसबिहार झारखंडभाजपाभारतमध्प्रदेशमहाराष्ट्रमुख्यमंत्रीराजनीतिराजस्थानरिहान इब्राहिम मुंबई/अंतरराष्ट्रीय
Trending

दुनिया भर से कोरोना की तीसरी लहर आने की खबरों के बाद देशव्यापी 21 दिन के लॉकडाउन की प्रबल संभावना

newsmrl.com national lockdown update by Rihan ibrahim

केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने की तैयारी कर ली है। ‘कोरोना संक्रमण’ की चेन तोड़ने के लिए सारे देश में 21 दिन के लिए ‘बंदिशें’ लगाई जा सकती हैं।

इस बार सेना और अर्धसैनिक बलों को अलर्ट कर दिया गया है। संभव है कि देश में संपूर्ण लॉकडाउन के दौरान सेना मोर्चा संभालेगी।देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने तबाही मचा रखी है। सरकार ने इस पर नियंत्रण करने के लिए पूरा जोर लगा दिया है, लेकिन कोरोना के चलते मौतों में कमी नहीं आ रही है।

राज्यों द्वारा अपनी समझ से लॉकडाउन या कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया जा रहा है। किसी राज्य में सख्त लॉकडाउन है तो कहीं पर आंशिक बंदिशें हैं। कुछ राज्यों में कंटेनमेंट जोन को लेकर भी स्पष्ट नीति नहीं है।

बेड, ऑक्सीजन सप्लाई और जरुरी दवाओं की कमी, कोरोना की लड़ाई में यह सब बड़ी बाधा के तौर पर उभरे हैं। इन सबके चलते कोरोना संक्रमण की चेन टूट नहीं पा रही है।

तीसरी लहर से और बड़े खतरे की आशंका
दूसरी तरफ कोरोना की तीसरी लहर के अंतर्गत कोविड के नए नए स्ट्रेन जो मौजूदा वायरस के मुकाबले हजार गुना तेजी से फैलते हैं, उनके मौजूद होने की आशंका जताई जा रही है। इन सबके चलते केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने की तैयारी कर ली है।

देश में लॉकडाउन को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। केंद्र सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर में लॉकडाउन का फैसला राज्यों पर छोड़ दिया है। अगर सुप्रीम कोर्ट, कोरोना टॉस्क फोर्स, वैज्ञानिक और डॉक्टर, इन सबके द्वारा कही गई बातों का विश्लेषण करें तो कोरोना की चेन तोड़ने के लिए ‘संपूर्ण लॉकडाउन’ ही एकमात्र उपाय नजर आता है।

आंशिक लॉकडाउन से काम नहीं चलेगा : डॉ. सरमन सिंह

एम्स भोपाल के निदेशक एवं वरिष्ठ विषाणुविज्ञानी डॉ. सरमन सिंह कहते हैं, देश को तीन सप्ताह के संपूर्ण लॉकडाउन की जरुरत है। इसके जरिए कोरोना के पीक को लंबा खिंचने से रोका जा सकता है। कई राज्यों में संपूर्ण या आंशिक लॉकडाउन लगाया जा रहा है। इससे काम नहीं चलेगा।

एक राज्य में पूर्ण लॉकडाउन है और उससे लगते दूसरे प्रदेश में आंशिक लॉकडाउन है। इस तरह के हालात में कोरोना संक्रमण की चेन नहीं टूट पाएगी। तीन सप्ताह के लॉकडाउन से बेड, ऑक्सीजन सप्लाई और जरुरी दवाओं का इंतजाम बिना किसी देरी के हो सकेगा। ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में किसी तरह की देरी नहीं होगी।

एंथनी फौसी ने भी दी यही सलाह
अमेरिका में जो बाइडन प्रशासन के चिकित्सा सलाहकार और जाने-माने महामारी विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फौसी भी कुछ ऐसी ही सलाह दे चुके हैं। उनका कहना था कि भारत में जिस तेजी से कोरोना बेकाबू होता जा रहा है, उसे रोकने के लिए कई सप्ताह का लॉकडाउन लगाना पड़ेगा।

इसके जरिए संक्रमण के चक्र को तोड़ने में बड़ी मदद मिल सकती है। अगर भारत में ऐसा होता है तो इस कठिन और निराशाजनक स्थिति से निकलने के लिए सरकार को छोटे एवं दीर्घकालिक कदम उठाने का समय मिल जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने भी रविवार को कहा है कि वैक्सीन के काम में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार, सेनाओं और अर्धसैनिक बलों के लिए काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों का भी इस्तेमाल कर सकती है। सर्वोच्च अदालत ने केंद्र और राज्य सरकारों को आदेश दिया है कि वे लॉकडाउन लगाने के बारे में गंभीरता से विचार करें।

डॉ. गुलेरिया ने कहा-चेन लॉकडाउन से ही टूटेगी
एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया भी कह चुके हैं कि कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ना इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती है। इसे लॉकडाउन की मदद से तोड़ा जा सकता है।

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज कहते हैं, प्रदेश में कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली से लगते चार पांच जिलों में स्थिति ज्यादा खराब होती जा रही है, इसलिए प्रदेश में सात दिन का पूर्ण लॉकडाउन लगा दिया गया है। इससे कोरोना को आगे बढ़ने से रोका जा सकेगा।

ऑक्सीजन की कमी के चलते दर्जनों मौतें
देश में आए दिन ऐसी खबरें आ रही हैं कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते दर्जनों मरीज दम तोड़ गए। ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालय हवाई जहाज, ट्रेन और सड़क मार्ग के वीडियो जारी कर रहे हैं। वे दिखा रहे हैं कि ऑक्सीजन या कंटेनर आ रहे हैं। दूसरी ओर अस्पतालों में मरीज दम तोड़ रहे हैं।

अहम बैठक में किया गया विचार
केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक अधिकारी बताते हैं कि लॉकडाउन के मुद्दे पर एक अहम बैठक हुई है। इसमें राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन पर विचार किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले और वैज्ञानिकों के तर्क, भी उक्त बैठक में रखे गए हैं।

पीएम मोदी ने की सीडीएस रावत व सेना प्रमुख से चर्चा
पीएम मोदी, सीडीएस बिपिन रावत और सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे के साथ बैठक कर चुके हैं। सेना की कौन सी इकाइयां कोरोना की जंग में उतरेंगी, इस पर चर्चा की गई है। सेना का चिकित्सा स्टाफ कहां पर नियुक्त किया जाएगा, आर्मी अस्पतालों में अलग से कोविड केयर सेंटर बनाना और संपूर्ण लॉकडाउन की रूपरेखा, आदि विषयों पर बातचीत हुई है।

ऐसी संभावना है कि पीएम मोदी, संपूर्ण लॉकडाउन जो कि सेना के जरिए लागू होगा, उस बाबत सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से जल्द ही बातचीत कर सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
Dark Mode Available in newsmrl.com में डार्क मोड उपलब्ध है
%d bloggers like this: