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बीजापुर हमले का मास्टरमाइंड…

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर में शनिवार को हुई मुठभेड़ में 23 जवान शहीद हो गए। इस हमले के पीछे का मास्टरमाइंड नक्सलियों की पिपुल्स लिब्रेशन गोरिल्ला आर्मी बटालियन 1 का कमांडर हिड़मा है।

पुलिस को पिछले कुछ दिनों से बीजापुर और सुकमा जिले के जोनागुडा, टेकलगुड़ुम और जीरागांव में हिड़मा और उसके साथी नक्सलियों के जमा होने की खुफिया जानकारी मिल रही थी। राज्य की पुलिस ने हिड़मा को पकड़ने के लिए ही मिशन लॉन्च किया।


शनिवार को DRG, STF और CRPF के बहादुर जवान नक्सली कमांडर हिड़मा के कोर एरिया में घुस गए। हिड़मा की बटालियन नंबर 1 आधुनिक हथियारों से लैस रहती है। हैवी फायरिंग में जवान फंस गए और 23 शहादतों का दुख अब प्रदेश झेल रहा है। हालांकि पुलिस का दावा है कि 12 से अधिक नक्सली भी मारे गए हैं।

घटना के बाद मिले इनुपट साझा करते हुएबस्तर रेंज के IG सुदंरराज पी ने बताया कि हिड़मा की मौजूदगी की जानकारी हमें मिली थी। मुठभेड़ के दौरान मारे गए नक्सलियों के शव को 3 ट्रैक्टरों में भरकर ले भागे हैं। हिड़मा की सर्चिंग जारी है।


बड़ी वारदातों में हिड़मा का हाथ
इससे पहले सुकमा के भेज्जी में हुए हमले के पीछे भी हिड़मा ही था, इसमें CRPF के 12 जवान शहीद हुए थे। साल 2013 में झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हुए हमले में भी हिड़मा शामिल था, इस हमले में कांग्रेस नेताओं समेत 30 लोगों की हत्या कर दी गई थी। साल 2010 में चिंतलनार के करीब ताड़मेटला में CRPF के 76 जवानों की शहादत के पीछे भी हिड़मा ही माना जाता है।


1 साल पहले भी 17 जवान शहीद
सुकमा जिले के कसालपाड़ के जंगलों में करीब 1 साल पहले नक्सलियों और जवानों के बीच आमने-सामने की भीषण मुठभेड़ हुई। पांच घंटे की गोलाबारी में DRG और STF के 17 जवान शहीद हुए थे। उस वक्त सर्चिंग से लौट रही फोर्स को नक्सलियों ने कोराज डोंगरी के पास घेरा था। फोर्स तब भी नक्सली नेता हिड़मा को मारने गई थी। NIA के डेटाबेस के मुताबिक, हिड़मा की उम्र 51 साल के आस-पास बताई जाती है।

दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का बड़ा नक्सल लीडर 4 साल पहले पुलिस की फायरिंग में घायल हो चुका है। हिड़मा पर 25 लाख रुपए का इनाम है और वो सुकमा में चलाए गए ऑपरेशन प्रहार में घायल हुआ था। हिड़मा बस्तर का रहने वाला इकलौता ऐसा आदिवासी है जो नक्सलियों की सबसे खूंखार बटालियन को लीड करता है। शेष सभी लीडर आंध्रप्रदेश मूल के हैं।


बस्तर से नक्सलवाद खत्म करने के लिए हिड़मा का खात्मा जरूरी
शनिवार को हुई इस ताजा मुठभेड़ के बाद बीजापुर पुलिस की तरफ से एक बयान जारी किया गया। इस आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कई सालों से दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी जो कि नक्सलियों का एक बड़ा संगठन है इसके PLGA बटालियन नंबर 1 को ताकतवर गोरिल्ला फोर्स के रूप में नक्सली इस्तेमाल करते हैं। इसका कमांडर हिड़मा ही है।नक्सलियों की ये बटालियन लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करते हुए गांव वालों ही हत्या करना उन्हें डराने का काम करती है।

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