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छत्तीसगढ़ सरकार ने लिया हजार करोड़ रुपये का कर्ज।

newsmrl.com chhattisgarh loan news update by kiran_rawat

Order No. 0356#RPR

छत्तीसगढ़ सरकार ने मंगलवार को रिजर्व बैंक आफ इंडिया के माध्यम से हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया। सरकार यह राशि 6.94 फीसद ब्याज के साथ आठ वर्षों में चुकाएगी।

सप्ताहभर के दौरान सरकार ने दूसरी बार आइबीआइ के माध्यम से हजार करोड़ का कर्ज लिया है। मंगलवार को ही छत्तीसगढ़ के साथ 14 अन्य राज्यों ने भी कर्ज लिया है। इनमें छत्तीसगढ़ के कर्ज का ब्याज दर सबसे ज्यादा है।

हजार करोड़ रुपये के इस नए कर्ज के साथ चालू वित्तीय वर्ष में राज्य का कुल कर्ज करीब 13 हजार करोड़ और कुल कर्जभार 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार कर्ज की इस राशि का उपयोग सरकारी कर्मियों को सातवें वेतनमान के बकाया एरियर्स के भुगतान समेत अन्य कार्यों में किया जाएगा।


बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दो दिन पहले ही राज्य के एक लाख 80 हजार सरकारी कर्मियों को एरिसर्य की तीसरी किस्त के रूप में करीब 360 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। इसके साथ ही सरकार ने राजीव गांधी न्याय योजना के तहत किसानों को 1104 करोड़ और गोधन न्याय योजना के तहत करीब सात करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है।

895 करोड़ अतिरिक्त कर्ज की छूट

प्रदेश में इज आफ डूइंग बिजनेस सुधारों को सफलतापूर्वक लागू करने की वजह से प्रदेश सरकार को जीएसडीपी के 0.05 फीसद अतिरिक्त कर्ज लेने की छूट मिल गई है। इस लिहाज से प्रदेश सरकार 895 करोड़ का कर्ज ले सकती है। कोरोना संकट काल को देखते हुए केंद्र सरकार ने 17 मार्च 2020 को औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्यों को उनके जीएसडीपी के दो फीसद तक लोन लेने की सीमा बढ़ाई थी।

इस विशेष व्यवस्था के तहत आधी राशि नागरिक सुविधाओं पर केंद्रित गतिविधियों पर राज्यों को खर्च की जानी थी। इसके लिए चार विशेष क्षेत्रों का निर्धारण किया गया था, इनमें वन नेशन वन राशन कार्ड सिस्टम, इज आफ डूइंग बिजनेस सुधार, शहरी स्थानीय निकाय उपयोगिता सुधार और पावर सेक्टर सुधार करना शामिल था।

एमपी को 4.77 फीसद ब्याज दर पर मिला 4473 करोड़
पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश ने भी मंगलवार को आरबीआइ के माध्यम से 4473 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। मध्य प्रदेश को यह कर्ज 4.77 फीसद ब्याज पर मिला है। अफसरों के अनुसार एमपी ने केवल दो वर्ष के लिए कर्ज लिया है। इस वजह से उसका ब्याज दर कम है। इसी तरह झारखंड ने हजार करोड़ रुपये 6.86 फीसद ब्याज पर 15 वर्ष के लिए लिया है। सिक्कीम को 15 सौ करोड़ रुपये 6.93 फीसद ब्याज पर 10 वर्ष के लिए मिला है।

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