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इस राज्य में आज रात तूफान कि चेतावनी

newsmrl.com Rajasthan disaster update by Pooja Goswami

मार्च में ही मई जैसा बवंडर


जैसलमेर में तबाही से 80 फीसदी फसलें बर्बाद, 3 हजार पेड़ गिरे; देर रात फिर तूफान की चेतावनी से प्रशासन अलर्ट

जिले में रविवार की रात करीब 11 बजे आए तेज तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। जिले में पिछले 20 साल में ऐसी आंधी लोगों ने नहीं देखी। देर शाम तक मौसम सामान्य था, लेकिन रात करीब 11 बजे एकाएक शुरू हुई आंधी ने ऐसी तबाही मचाई कि सब कुछ चौपट हो गया। आंधी इतनी तेज थी कि लोगों ने घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटाई।

करीब एक घंटे तक तूफानी आंधी चली। मौसम विभाग ने सोमवार देर रात फिर तूफान की चेतावनी दी। इसके बाद कलेक्टर आशीष मोदी ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। जैसलमेर शहर सहित पूरे जिले में पाकिस्तान की तरफ से आए तूफान ने सबको हिलाकर रख दिया। देखते ही देखते आसमान में धूल के गुब्बार के साथ 58 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने लगी। घरों के दरवाजे व खिड़कियां हिलने लगी, छपरे व टीन शेड तिनके की तरह बिखर गए। छतों की दीवारों पर रखे भारी पत्थर भी तेज आंधी में उड़कर सड़कों पर बिखर गए।

बीती रात आए तूफान में एक दर्जन लोगों को मामूली चोटें भी आई। किसी के ऊपर छपरा गिरने से तो किसी के टीन शेड की चपेट में आने से चोट लगी। दो केस ऐसे भी सामने आए जिसमें सिर पर पत्थर लगने से मामूली चोट आई।

किसानों ने बताया कि पूर्व में पानी की कमी से फसलें प्रभावित हुई थी फिर गर्मी की मार पड़ी और अब तूफानी आंधी की वजह से रही सही फसलें भी नष्ट हो गई। नहरी क्षेत्र में ईसबगोल, चना, सरसों, जीरा आदि फसलें मुरब्बों में काट कर एकत्र की हुई थी। तूफानी आंधी की वजह से फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई है। किसानों ने फसलों में हुए खराबे का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। नहरी क्षेत्र के अलावा डेढा, बडोड़ा गांव, मूलाना, दवाड़ा, रासला, भागू का गांव सहित सभी ट्यूबवैल क्षेत्र प्रभावित हुआ है। साधेवाला में आंधी के साथ हुई ओलावृष्टि में अनूपसिंह की 25 बकरियां मर गई

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