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एंटीलिया केस पर खास रिपोर्ट वो सब जो आप जानना चाहते हैं।

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एंटीलिया केस और मनसुख की मौत का मामला:

महाराष्ट्र की एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) मुंबई में मनसुख हिरेन की कथित हत्या का केस भले ही सुलझाने का दावा कर रही है, लेकिन अभी भी उसकी छापेमारी बंद नहीं हुई है। ATS टीम ने दमन से एक वॉल्वो कार जब्त की है। जांच में सामने आया है कि इसका इस्तेमाल मनसुख की हत्या में हुआ था। फिलहाल कार को फॉरेंसिक जांच के लिए मुंबई लाय गया है।

अहमदाबाद से गिरफ्तार व्यक्ति के पास मिले 11 सिम कार्
ATS ने सोमवार को अहमदाबाद से एक व्यक्ति को अरेस्ट किया। जिसने हत्या में इस्तेमाल हुए 11 सिम कार्ड उपलब्ध करवाए थे। इनमें से एक सिम से मनसुख को 4 मार्च की रात 8 बजे से 8.30 बजे तक वॉट्सऐप कॉल करने के लिए इस्तेमाल किया गया था। इससे जुड़े एंटीलिया मामले की जांच करने वाली NIA टीम को यह पता चला है कि इस साजिश में सचिन वझे और मनसुख हिरेन के अलावा 11 लोग शामिल थे। इनमें से कुछ रिटायर्ड और कुछ मौजूदा पुलिसकर्मी हैं। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी हो सकती है।

यह कार दमन के एक बिजनेसमैन की बताई जा रही है। NIA की टीम ने उससे भी पूछताछ की है। मनसुख की मौत के मामले में ATS ने यह पहली कार बरामद की है। इससे पहले इससे जुड़े एंटीलिया केस में NIA ने 5 गाड़ियां जब्त की थीं। इनमें से दो मर्सिडीज, एक स्कॉर्पियो, एक प्राडो और एक सरकारी इनोवा शामिल है।

एक फैक्ट्री के कुछ कर्मचारियों के नाम हैं ये सिम कार्ड
ATS की जांच में सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल सिम कार्ड अहमदाबाद की एक फैक्ट्री में काम करने वाले कुछ लोगों के नाम पर हैं। इस फैक्ट्री ने 30-40 कर्मचारियों को सिम कार्ड की सुविधा दी हुई है। जांच में पता चला कि इन सिम कार्ड का इस्तेमाल मनसुख की हत्या और उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो पार्क करने की साजिश रचने के लिए किया गया था।

मुंबई ATS और गुजरात पुलिस की टीम ने इस मामले में अहमदाबाद, पालनपुर और कच्छ के बोदकदेव में छापेमारी की और इस फैक्ट्री तक पहुंची। गिरफ्तार किया गया व्यक्ति फैक्ट्री का मालिक बताया जा रहा है। हालांकि, ATS अभी इसकी पुष्टि नहीं कर रही है।

2 मार्च को शुरू हो गई थी मनसुख की हत्या की प्लानिंग
ATS सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार पूर्व कांस्टेबल विनायक शिंदे ने खुलासा किया है कि मनसुख की हत्या की प्लानिंग 2 मार्च को शुरू हो गई थी। वझे के कहने पर ही उसने मनसुख को रास्ते से हटाया। जेल से पैरोल पर आने के बाद उसके पास काम नहीं था। वह वझे को पहले से जानता था। वझे ने उसके परिवार की देखरेख का पूरा भरोसा दिया था। साथ ही कहा था कि वह अधिकारियों से बात करके उसकी पैरोल बढ़वाता रहेगा।

एंटीलिया मामले से जुड़े मनसुख हिरेन हत्या केस में महाराष्ट्र ATS को नया सबूत मिला है। मंगलवार को ATS को दमन में एक गाड़ी मिली है। जानकारी के मुताबिक, इस गाड़ी का इस्तेमाल महाराष्ट्र पुलिस के अफसर सचिन वाजे ने किया था। इतना ही नहीं, सचिन वाजे को लेकर एक और जानकारी आई है जिसके मुताबिक वह फाइव स्टार होटल में फर्जी आधार कार्ड दिखाकर रुका हुआ था। फर्जी आधार कार्ड पर फाइव-स्टार होटल में ठहरता था सचिन वाजे, दमन से वॉल्वो कार बराम

गौरतलब है कि महाराष्ट्र पुलिस के अफसर सचिन वाजे को लेकर लगातार विवाद हो रहा है। पहले उनका नाम एंटीलिया मामले में आया, उसके बाद महाराष्ट्र एटीएस ने मनसुख हिरेन मामले में भी सचिन वाजे को मुख्य आरोपी माना। सचिन वाजे अभी एनआईए की कस्टडी में हैं और 25 मार्च तक सलाखों के पीछे ही रहेंगे

दमन से मिली है वोल्वो कार सूत्रों की मानें, तो दमन से जो वॉल्वो कार मिली है उसकी तलाश एनआईए की टीम भी कर रही थी। ऐसे में अब इस गाड़ी को जब्त कर लिया गया है, साथ ही आगे की जांच शुरू कर दी गई है। आपको बता दें कि एंटीलिया के सामने जो कार बरामद हुई थी, उसके कुछ दिन बाद ही मनसुख हिरेन का शव भी मिला था। बाद में जांच में पाया गया कि मनसुख हिरेन की हत्या की गई है। इस मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस कर रही है, बीते दिन ही ये जांच मुंबई से गुजरात पहुंची थी। जहां एटीएस की टीम ने कई सिम बरामद किए थे और लोगों से पूछताछ शुरू कर दी थी दरअसल, इस मामले में पुलिस को सबूत मिला था कि जो संदिग्ध सिम थे,

उन्हें अहमदाबाद से खरीदा गया था। यही कारण रहा कि एटीएस की टीम गुजरात पहुंची थी। इस हत्याकांड के आरोप में पकड़े गए दो आरोपियों में से एक ने गुजरात से सिम खरीदने की बात कबूल की थी। सचिन वाजे से जुड़ी एक और जानकारी आई सामने इसके अलावा इस पूरे कांड में एक और जानकारी सामने आई है। सूत्रों की मानें, तो सचिन वाजे मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में फर्जी आधार कार्ड के सहारे ठहरा हुआ था। एनआईए ने अब फर्जी आधार कार्ड को जब्त कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक, सचिन वाजे 16 फरवरी को यहां रुका था, अब होटल की सीसीटीवी फुटेज भी जब्त कर ली गई है। बता दें कि अब एनआईए सचिन वाजे से लगातार सवाल कर रही है और होटल में फर्ज़ी तरीके से रुकने का कारण जानने की कोशिश कर रही है।

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